मॉस्को। फीफा वर्ल्ड कप 2018 में अपने दूसरे मैच में इंग्लैंड का मुकाबला पनामा की टीम से होगा। जहां इंग्लैंड ने अपने पहले मैच में ट्यूनीशिया को 3-1 से हराया था तो वहीं पनामा को बेल्जियम के हाथों 3-0 से करारी हार झेलनी पड़ी थी। इस मैच में जहां इंग्लैंड को जीत सीधे नॉकआउट में पहुंचा देगी तो पनामा की टीम बाहर हो जाएगी। दो बार के प्रीमियर लीग के गोल्डन बूट विजेता केन 1990 में गैरी लिनेकर के बाद विश्व कप में इंग्लैंड की ओर से किसी मैच में दो गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बने जिससे टीम ने विश्व कप के अपने पहले मैच में ट्यूनीशिया को हराया। 1990 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में कैमरून के खिलाफ गैरी लिंकर ने आखिरी बार इंग्लैंड के लिए एक मैच में दो गोल दागे थे।
12 वर्षों बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत करने वाली इंग्लैंड की टीम कप्तान हैरी केन के दम पर अपना दूसरा मुकाबला जीतने उतरेगी। हालांकि अपना पहला विश्व कप खेल रही पनामा की टीम पर ग्रुप स्टेज से ही बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। विश्व कप के नॉकआउट दौर में प्रवेश की उम्मीदों को बरकरार रखने के लिए पनामा को न केवल जीत हासिल करनी होगी, बल्कि उसे कई गोल भी करने होगे। उसे अपने पहले मैच में बेल्जियम के खिलाफ 3-0 से हार का सामना करना पड़ा और इंग्लैंड ने ट्यूनीशिया को 2-1 से मात दी थी। ऐसे में पनामा को इंग्लैंड के खिलाफ बड़े गोल अंतर से जीतना होगा।
ट्यूनीशिया के खिलाफ मुकाबले में केन को छोड़कर इंग्लैंड का कोई दूसरा खिलाड़ी कुछ खास प्रभावित नहीं कर सका। पहले हाफ में टीम को गोल करने के कई मौके मिले लेकिन उन मौकों को इंग्लिश खिलाड़ी भुना नहीं सके। रहीमी स्टर्लिंग और जेसी लिंगार्ड का प्रदर्शन पिछले मुकाबले में उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। ऐसे में पनामा के खिलाफ मुकाबले में स्टर्लिंग को मौका मिलना मुश्किल लग रहा है। खबर है कि इंग्लिश कोच गेरेथ साउथगेट स्टर्लिंग की जगह मार्कस रशफोर्ड को टीम में जगह दे सकते हैं जबकि डेले अली की जगह रुबेन लुफ्तस को मौका मिल सकता है जो कि पिछले मुकाबले में चोटिल हो गए थे।
दूसरी ओर पनामा की टीम सेंट्रल डिफेंडर रोमन टोरेस पर निर्भर है। सियाटल सोंडर्स डिफेंडर ने कहा कि फुटबॉल इसी तरह है। इंग्लैंड की टीम बेल्जियम से अलग काफी सीधा खेलती है और अपनी तेजी पर निर्भर करती है।