नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2018 में शुक्रवार को स्पेन और पुर्तगाल के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। खासतौर से यूरोपीय चैंपियन पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर सभी की रहेंगी टिकी होंगी। वहीं दूसरी तरफ स्पेन की टीम इस मैच में कोच जुलेन लोपेतेगुइ को अचानक बर्खास्त किये जाने के फैसले को भुलाकर मैदान पर उतरेगी। दोनों ही टीमों को फीफा वर्ल्ड की प्रमुख दावेदार टीमों में से एक माना जा रहा है। हालांकि दोनों पड़ोसी देश पुराने दुश्मन रहे हैं। फीफा वर्ल्ड कप में ये दोनों देशों के बीच दूसरी बार मुकाबला होने जा रहा है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में हुए फीफा वर्ल्ड कप में स्पेन ने पुर्तगाल को अंतिम 16 के मुकाबले में 1-0 से हराकर बाहर का रास्ता दिखाया था।
स्पेन ने अपने पुराने कोच लोपेतेगुइ को बर्खास्त कर दिया है। हालांकि वे रियल मैड्रिड से जुड़ने जा रहे हैं जो रोनाल्डो का क्लब है। यही नहीं स्पेन के छह खिलाड़ी भी इस क्लब से जुड़े हुए हैं और इसलिए जब 33 वर्षीय रोनाल्डो अपने क्लब के साथियों के खिलाफ नजर आएंगे तो यह दिलचस्प नजारा होगा। दोनों टीमों के ज्यादातर खिलाड़ी एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। रोनाल्डो हालांकि अभी क्लब के बारे में नहीं बल्कि विश्व कप के बारे में सोच रहे हैं क्योंकि उनके नाम पर अगर कोई ट्राफी दर्ज नहीं है तो वह विश्व कप है। पुर्तगाल को खिताब का प्रबल दावेदार माना रहा है। उसने दो साल पहले फ्रांस को हराकर यूरोपीय खिताब जीता था।
स्पेन ने कोच लोपेतेगुइ को बर्खास्त करने के बाद फर्नांडो हिएरो को नया कोच नियुक्त किया है। स्पेन फेडरेशन के मुताबिक फर्नांडो हिएरो पहले तीन मैचों के लिए टीम के कोच होंगे। कुल मिलाकर पुर्तगाल के खिलाफ फर्नांडो हिएरो की भी अग्नि परीक्षा होगी जो अगर खुद को साबित कर पाते हैं तो उनका कार्यकाल आगे बढ़ना तय माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैड्रिड के कप्तान सर्जीओ रामोस के नेतृत्व में स्पेन के खिलाड़ी लोपेतेगुइ को टीम के साथ रखने के पक्ष में थे। ये खबर टीम के लिए आशांति पैदा कर सकती है।
इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
पुर्तगाल- क्रिस्टियानो रोनाल्डो
इसमें कोई दोराय नहीं है कि क्रिस्टियानो रोनाल्डो इस समय दुनिया के बेस्ट प्लेयर्स हैं। खुद रोनाल्डो का रिकॉर्ड इस बात का गवाह है। यही नहीं रियल मैड्रिड सुपरस्टार ने रूस 2018 के लिए पुर्तगाल के क्वालीफायर में अहम भूमिका निभाई है। पूर्व मैनचेस्टर यूनाइटेड मैन यूरोपीय क्वालिफायर में किसी भी अन्य खिलाड़ी की तुलना में सबसे अधिक गोल करने वालों में शामिल था। रोनाल्डो ने 15 गोल किए जबकि तीन में असिस्ट किया। पुर्तगाल ने इससे पहले जब किसी बड़े टूर्नामेंट में स्पेन को हराया था तब रोनाल्डो उस मैच में खेले थे। यूरो 2004 के ग्रुप चरण के उस मैच में पुर्तगाल ने 1-0 से जीत दर्ज की थी।
स्पेन- सर्जियो रामोस
सर्जियो रामोस को कौन भूल सकता है जिनके कारण यूएफा चैंपियंस लीग के फाइनल में मिस्र के मुहम्मद सलाह चोटिल हो गए थे। रियल मैड्रिड के कप्तान सर्जियो रामोस शानदार फॉर्म में हैं। रामोस के ऊपर रोनाल्डो को काबू करने की जिम्मेदारी होगी।रिपोर्टों से पता चलता है कि मैड्रिड की ये जोड़ी आंख से आंख नहीं मिलाती है। इसलिए उनकी व्यक्तिगत लड़ाई मैच को रोमांचित बनाएगी। रामोस दूसरे छोर पर बहुत ही कुशल हैं। हालांकि उनके अधिकांश गोल मैड्रिड की सफेद जर्सी में ही आए हैं।
मुख्य फैक्ट्स
- पुर्तगाल और स्पेन विश्व कप में केवल एक बार ही एक दूसरे से भिड़े हैं वो भी 2010 के वर्ल्ड कप में। जिसमें स्पेन ने अंतिम 16 के नॉक आउट मुकाबले में डेविड विला के गोल के चलते पुर्तगाल को 1-0 से हराया था।
- प्रमुख टूर्नामेंट (विश्व कप और यूरो) में पुर्तगाल और स्पेन ने केवल चार गोल किए हैं।
- पुर्तगाल, पश्चिम जर्मनी (यूरो 1972, विश्व कप 1974), फ्रांस (विश्व कप 1998, यूरो 2000) और स्पेन (यूरो 2008, विश्व कप 2010, यूरो 2012) के बाद बैक-टू-बैक यूरोपीय चैंपियनशिप और विश्व कप टूर्नामेंट जीतने वाला चौथा राष्ट्र बनने का प्रयास करेगा।
- केवल इंग्लैंड और स्पेन (तीन) ने 2018 विश्वकप के लिए यूईएफए क्वालिफायर में पुर्तगाल (चार) की तुलना में सबसे कम गोल खर्च किए हैं।