कोलंबो टेस्ट : आज होगा आगाज
भारतीय टीम के लिए मुश्किल की बात यह है कि उसके प्रमुख गेंदबाज उसके साथ नहीं है और कोलंबे में श्रीलंका का रिकार्ड शानदार रहा है। ऐसे में भारतीय टीम को अपने बल्लेबाजों को बूते ही इस टेस्ट और साथ ही श्रृंखला को बचाने का प्रयास करना होगा।
इस श्रृंखला में 0-2 या फिर 0-3 की हार से भारतीय टीम के हाथ से सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेस्ट टीम का ताज निकल जाएगा। यह ओहदा श्रीलंका को मिल जाएगा और यही कारण है कि श्रीलंकाई टीम कुमार संगकारा के नेतृत्व में इसके लिए अपना पूरा दमखम झोंक देगी।
श्रीलंकाई टीम के साथ उसके स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन नहीं होंगे लेकिन उनके स्थान पर टीम में शामिल किए गए असंथा मेंडिस के साथ वह अपने विजय अभियान को जारी रखना चाहेगी।
दूसरे मैच में तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा भी नहीं खेलेंगे। चोट के कारण मलिंगा को आराम दिया जा रहा है। उनके स्थान पर दिलहारा फर्नाडो को टीम में शामिल किया गया है, जिनका रिकार्ड भारत के खिलाफ अच्छा रहा है।
भारतीय टीम ने 17 साल से श्रीलंका में कोई टेस्ट श्रृंखला नहीं जीती है। 1993 में उसने मोहम्मद अजरूद्दीन के नेतृत्व में श्रीलंकाई चीतों को उन्हीं के घर में हराया था लेकिन उसके बाद से उसकी यह हसरत अधूरी ही रही है। इसमें मुरलीधरन का बड़ा योगदान रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी की बदौलत हर बार भारत के इस प्रयास को बेकार साबित किया है।
अब जबकि मुरली टेस्ट क्रिकेट से विदा हो चुके हैं, भारत के पास 17 साल बाद टेस्ट श्रृंखला जीतने और अपना ताज बचाने का अच्छा मौका है लेकिन इसके लिए टीम को उन गलतियों को दोहराने से बचाना होगा, जो गॉल में सामने आई थीं।
वरिष्ठ बल्लेबाजों के बुरी तरह नाकाम होने के बाद दूसरी पारी में पुछल्लों ने शानदार आत्मशक्ति का परिचय दिया था और यही बात सिद्धहस्त बल्लेबाजों को एक सबक के तौर पर लेनी चाहिए। सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों ने कुछ खास करिश्मा नहीं किया है लेकिन इस बार उन्हें अपनी टीम के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा।
सचिन तेंदुलकर इस मैदान पर सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज रहे हैं। उनके नेतृत्व में ही सही लेकिन भारतीय बल्लेबाजों को सुधरा हुआ प्रदर्शन करते हुए एक जीत हासिल करनी होगी। इस क्रम में राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, वी.वी.एस. लक्ष्मण और खराब फार्म में चल रहे गौतम गंभीर की अहम भूमिका होगी।
गेंदबाजी में एक बार फिर कमान ईशांत शर्मा और अभिमन्यु मिथुन के हाथों में होगी। मिथुन ने गॉल में प्रभावित किया था और ईशांत ने पहली पारी के पहले स्पेल की नाकामी को भुलाकर दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन किया था।
स्पिनरों में हरभजन सिंह गॉल में एक भी विकेट नहीं झटक सके थे लेकिन कोलंबो में टीम को जीत दिलाने के लिए उन्हें अच्छा प्रदर्शन करना होगा। जहां तक प्रज्ञान ओझा की बात है तो वह अच्छी गेंदबाजी करने में सक्षम हैं लेकिन दूसरे छोर पर अच्छा साथ नहीं मिलने के कारण वह भी हतोत्साहित नजर आते हैं।
कुल मिलाकर भारत को अपना टेस्ट ताज बचाने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना होगा। महेंद्र सिंह धौनी कतई नहीं चाहेंगे कि एक वर्ष की मेहनत के बाद हासिल किया गया ताज आसानी से हाथ से निकल जाए, यही कारण है कि वह अपने साथियो को विशेष सलाह देना चाहेंगे, जिसमें अच्छा खेलने के अलावा और कोई बात शामिल नहीं होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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