बीबीसी संवाददाता, जोहानेसबर्ग से
दक्षिण अफ़्रीका में फ़ीफ़ा विश्व कप 2010 के दूसरे दिन दक्षिण कोरिया और ग्रीस, इंग्लैंड और अमरीका, अर्जेनटीन और नाइजीरिया के बीच मुक़ाबला होगा. शनिवार को पहला मैच दक्षिण कोरिया और ग्रीस के बीच खेला जाएगा. भले ही विश्व कप में उन्हें बड़ा दावेदार नहीं माना जा रहा है, लेकिन लोग ये नहीं भूले होंगे कि वर्ष 2002 के विश्व कप में दक्षिण कोरिया की टीम सेमी फ़ाइनल तक पहुँच गई थी.
उधर यूरो 2004 का ख़िताब जीता था ग्रीस की टीम ने. इसलिए दोनों टीमों के बीच मुक़ाबला बड़ा रोमांचक होने की उम्मीद है. दक्षिण कोरिया के कप्तान पार्क जी सुंग पूरी तरह फ़िट हैं और मैदान पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं. विश्व कप में अनुभव की बात करें, तो दक्षिण कोरिया का ये आठवाँ विश्वकप है तो ग्रीस की टीम सिर्फ़ दूसरी बार विश्व कप में हिस्सा लेगी.
दुनियाभर के फ़ुटबॉल प्रशंसकों की निगाहे अर्जेंटीना और नाइजीरिया के मैच पर हैं. अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने न सिर्फ़ उनके देश ने बल्कि दुनियाभर के फ़ुटबॉल प्रेमियों ने उम्मीद बाँध रखी है. मेसी के अलावा उनके टीम के कोच महान माराडोना पर भी लोगों की नज़र होगी. माराडोना की टीम से विश्व कप जीतने की उम्मीद की जा रही है.
मेसी के साथ गोंज़ालो हिगुएन के साथ-साथ कार्लोस तावेज़ से भी अर्जेनटीना को उम्मीद होगी. फ़ुटबॉल प्रेमी इंग्लैंड के वेन रूनी के खेल का भी जलवा शनिवार को देख पाएँगे. रस्टेनबर्ग में इंग्लैंड का मुक़ाबला अमरीका से होने जा रहा है. इस मैच पर भी दुनिया की नज़र होगी. इस प्रतियोगिता में इंग्लैंड पर भी दाँव लगाया जा रहा है. इसलिए पहले मैच के नतीजे पर टीम के आगे का प्रदर्शन बहुत कुछ निर्भर करेगा.
इंग्लैंड की टीम को विश्व कप से पहले कप्तान रियो फ़र्डिनेंड के घायल होने से तगड़ा झटका लगा है. टीम की कमान स्टीवन जेरार्ड के हाथ में है. इस मैच में जो कोल घायल गैरेथ बैरी का स्थान ले सकते है. लेडली किंग और एमिली हेस्की को भी शुरू में ही मैदान में उतारा जाएगा. दूसरी ओर अमरीका की ओर से जोजी एल्टेडोर और एडसन बडल इंग्लैंड के खिलाड़ियों की नींद उड़ाने को तैयार दिखते हैं. तो आसान नहीं होगा इंग्लैंड का पहला मैच.