कोलंबो टेस्ट : भारत को बढ़त के बावजूद नतीजे के आसार नहीं (राउंडअप)
श्रीलंका ने अपनी पहली पारी जहां चार विकेट पर 642 बनाकर घोषित कर दी थी वहीं चौथे दिन गुरुवार का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के करियर के पांचवें दोहरे शतक और पहला टेस्ट खेल रहे सुरेश रैना के पहले शतक की बदौलत नौ विकेट के नुकसान पर 669 रन बना लिए थे। इस तरह भारतीय टीम ने 27 रनों की बढ़त कायम कर ली है।
चौथे दिन के अंतिम सत्र को छोड़ दिया जाए तो यह पिच गेंदबाजों के लिए 'कब्रगाह' साबित हुई है। ऐसे में इस तरह की पिच पर नतीजे की उम्मीद बेमानी है। ऐसी पिचों पर बल्लेबाजों का लगातार रिकार्ड बनाना भी कुछ खास मायने नहीं रखता। मसलन, श्रीलंकाई बल्लेबाज माहेला जयवर्धने का सर डॉन ब्रैडमैन का एक मैदान पर सर्वाधिक शतकों का रिकार्ड तोड़ना और तेंदुलकर द्वारा 18 से अधिक बार 150 रनों की पारियां खेलने के डॉन के ही रिकार्ड को ध्वस्त करना।
दिन का खेल खत्म होने तक ईशांत शर्मा (10) और प्रज्ञान ओझा (0) के रूप में भारतीय टीम की अंतिम जोड़ी नाबाद लौटी। भारतीय टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक चार विकेट के नुकसान पर 382 रन बनाए थे। तेंदुलकर 108 और रैना 66 रन पर नाबाद लौटे थे।
चौथे दिन भारतीय टीम ने सबसे पहले रैना का विकेट गंवाया। वह 120 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। रैना ने अपने करियर का पहला टेस्ट खेलते हुए न सिर्फ शानदार शतकीय पारी खेली बल्कि पांचवें विकेट के लिए तेंदुलकर के साथ 256 रनों की साझेदारी निभाकर टीम को फॉलोऑन के खतरे से बचाया।
रैना की विदाई के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (76) ने तेंदुलकर का भरपूर साथ दिया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी निभाई। धौनी ने अपने करियर का चौथा अर्धशतक जड़ा जबकि तेंदुलकर अपना पांचवां दोहरा शतक लगाने में सफल रहे।
तेंदुलकर का विकेट चायकाल के ठीक बाद गिरा। वह 203 रन बनाकर आउट हुए। तेंदुलकर ने अपनी शानदार पारी के दौरान 347 गेंदों का सामना करते हुए 23 चौके और एक छक्का जड़ा। उन्होंने 338 गेंदों पर 23 चौकों और एक छक्के की मदद से अपना पांचवां दोहरा शतक पूरा किया था।
इसके बाद भारत ने हरभजन सिंह (0) का विकेट गंवाया। भारत का यह विकेट 592 रन के कुल योग पर गिरा था। धौनी का साथ देने अब अभिमन्यु मिथुन विकेट पर आए थे। उन्होंने बेहतरीन अंदाज में बल्लेबाजी की और कप्तान के साथ आठवें विकेट के लिए उपयोगी 51 रन जोड़े।
धौनी का विकेट 643 रन के कुल योग पर गिरा। धौनी ने अपनी 138 गेंदों की पारी में सात चौकों की मदद से 76 रन बनाए। मिथुन दिन के अंतिम बल्लेबाज के रूप में पेवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी 109 मिनट और 97 गेंदों की लंबी पारी के दौरार चार चौकों की सहायता से 41 रन बनाए।
भारत ने अपना पांचवां विकेट रैना के रूप में गंवाया था। रैना 120 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले रैना ने 228 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और दो छक्के लगाए।
श्रीलंका की ओर से असंथा मेंडिस ने अब तक सर्वाधिक चार विकेट झटके हैं जबकि तिलकरत्ने दिलशान को तीन सफलता मिली है। सूरज रांडीव भी एक विकेट लेने में सफल रहे हैं। दिलशान और मेंडिस ने चालकाल के बाद भारत के चार विकेट अपने नाम किए।
भारतीय टीम ने तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक चार विकेट खोकर 382 रन बनाए थे। तीसरे दिन तेंदुलकर ने रांडीव की गेंद को चार रनों के लिए सीमा रेखा के बाहर भेजकर अपना 48वां टेस्ट शतक पूरा किया था।
तेंदुलकर का चौथे क्रम पर खेलते हुए 42वां शतक है। भारत ने तीसरे दिन 241 रनों के कुल योग पर वीरेंद्र सहवाग (99), मुरली विजय (58), राहुल द्रविड़ (3) और लक्ष्मण (29) के विकेट खो दिए थे। लक्ष्मण ने तेंदुलकर के साथ चौथे विकेट के लिए 68 रन जोड़े। सहवाग अपने करियर में चौथी बार 'नर्वस नाइंटीज' का शिकार हुए।
श्रीलंकाई टीम ने दूसरे दिन मंगलवार को कप्तान कुमार संगकारा के दोहरे शतक और उपकप्तान माहेला जयवर्धने की शतकीय पारी की बदौलत चार विकेट पर 642 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी थी।
गॉल टेस्ट में 10 विकेट से हार झेल चुकी भारतीय टीम के लिए दूसरा टेस्ट बेहद महत्वपूर्ण है। अगर तीन मैचों की इस श्रृंखला में भारतीय टीम की हार होती है तो उससे सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेस्ट टीम का ताज छिन जाएगा। तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए हैं।
पहले टेस्ट में शतक लगाने वाले रैना 12वें भारतीय :
इस टेस्ट मैच में शतक के साथ रैना ने अपना नाम रिकार्डबुक में दर्ज करा लिया। वह पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाने वाले 12वें भारतीय हैं। इस पारी के साथ रैना का नाम लाला अमरनाथ, आर.अच. सोधन, ए.जी. कृपाल सिंह, आसिफ अली बेग, हनुमंत सिंह जैसे गुजरे जमाने के क्रिकेटरों की सूची में शुमार हो गया।
भारतीय आधुनिक क्रिकेट इतिहास में अपने पहले ही मैच में शतक लगाने वालों में प्रवीण आमरे, गुंडप्पा विश्वनाथ, मोहम्मद अजहरूद्दीन, वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों के नाम भी शामिल हैं। अजहरूद्दीन के नाम लगातार तीन मैचों में शतक लगाने का अनोखा रिकार्ड है।
तेंदुलकर ने 5वां दोहरा शतक लगाया :
तेंदुलकर ने इस मैच से पहले 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ 248 नाबाद, 2004 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 241 नाबाद, 1999 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद में 217 और 2000 में जिंबाब्वे के खिलाफ 201 नाबाद रनों की पारी खेली थी।
तेंदुलकर टेस्ट मैचों में पांच दोहरे शतक लगाने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं। इससे पहले भारत के राहुल द्रविड़ और आस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग पांच-पांच दोहरे शतक लगा चुके हैं।
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 12 दोहरे शतक लगाने का रिकार्ड महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन के नाम दर्ज है। ब्रैडमैन ने 52 टेस्ट मैचों में 99.94 के औसत से रन बनाए थे। उन्होंने 12 बार 200 रनों का आंकड़ा पार किया था।
दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा (9) हैं जबकि इंग्लैंड के वॉली हेमंड और श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के कप्तान कुमार संगकारा सात-सात दोहरे शतकों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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