बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
फ़ुटबॉल के दीवानों की दुनिया में कोई कमी तो है नहीं, ख़ासकर उस समय जब विश्व कप जैसी प्रतियोगिता हो रही हो, तो ये दीवानगी सभी सीमाओं को पार कर जाती है. लेकिन पुलिस क्या करे, उसे तो सब चीज़ों पर नियंत्रण रखना है. पुर्तगाल की टीम अपने समर्थकों में काफ़ी लोकप्रिय है. अपने समर्थकों के बीच लोकप्रिय तो सारी टीमें हैं, लेकिन पुर्तगाल में आकर्षक और सेक्सी खिलाड़ियों की भरमार है.
ख़ासकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर तो महिलाएँ मर-मिटने को तैयार हैं. जब भी खिलाड़ियों की बस गुज़रती है, प्रशंसक पागल हो जाते हैं. वे खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए तरह-तरह की पोशाक में आते हैं, मेकअप करते हैं और नारे लगाते हैं.
लेकिन पुर्तगाल टीम की महिला प्रशंसक इन सब लोगों से एक क़दम आगे हैं. वे कभी-कभी अर्धनग्न होकर खिलाड़ियों का ध्यान आकर्षित करती हैं. पिछले दिनों दक्षिण अफ़्रीक़ी पुलिस ने इन महिला प्रशंसकों को ऐसा न करने की सलाह दी.
पुलिस का कहना था कि अगर ये महिलाएँ अर्धनग्न हुईं, तो इन्हें गिरफ़्तार भी किया जा सकता है. अब मैच देखने और खिलाड़ियों को देखकर आहें भरने आईं ये महिलाएँ जेल क्यों जाएँ....इसलिए उन्हें बस चिल्ला-चिल्ला कर ही संतोष करना पड़ा.
दुनिया भर के फ़ुटबॉल समर्थकों के अलावा कई जाने-माने स्टार खिलाड़ी भी ये मानते हैं कि ये विश्व कप अभी तक अचंभित करने वाला विश्व कप रहा है. पिछले विश्व कप की चैंपियन इटली और उपविजेता फ़्रांस की टीमें पहले दौर में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं.
तो जर्मनी, इंग्लैंड और स्पेन जैसी टीमों को दूसरे दौर में पहुँचने के लिए काफ़ी पसीना बहाना पड़ा. हालाँकि अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स की टीमें अपने तीनों मैच जीतकर दूसरे दौर में पहुँची हैं. अर्जेंटीना के स्ट्राइकर डिएगो मलितो का मानना है कि ये विश्व कप अचंभित करने वाला रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें इटली के बाहर होने पर सबसे ज़्यादा आश्चर्य हुआ है.
उन्होंने कहा कि फ़्रांस में भी कई बेहतरीन खिलाड़ी हैं. लेकिन उन्होंने इस पर ख़ुशी जताई कि दक्षिण अमरीकी टीमें प्रतियोगिता में अच्छा कर रही हैं. फ़्रांस की टीम की बात आई, तो बता दें कि टीम वापस स्वदेश तो लौट गई है, लेकिन फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल का भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. सरकार इस बात को लेकर काफ़ी गंभीर है कि ऐसा क्यों हुआ.
ख़ासकर ट्रेनिंग करने को लेकर खिलाड़ियों की बग़ावत से सभी नाराज़ हैं. अब सरकार इस मामले की जाँच कराने जा रही है. जिसमें देश के वरिष्ठ और चुने गए राजनेता कुछ प्रमुख खिलाड़ियों से पूछताछ करेंगे. इन सबके बीच थियरी ऑनरी काफ़ी निराश हैं. विश्व कप के दौरान उन्हें फ़्रांस के तीनों मैचों में शुरू से मौक़ा नहीं मिला.
ऑनरी का कहना है कि उन्हें किनारे करने की कोशिश की गई. ऑनरी ने राष्ट्रपति सार्कोज़ी से मिलकर अपनी बात उन तक पहुँचाई है. लेकिन वे इस बात को लेकर काफ़ी दुखी हैं कि टीम ने इस बड़ी प्रतियोगिता में उनकी भूमिका नगण्य रखी थी.
ऑनरी ने कहा कि वे काफ़ी निराश हैं और दुखी हैं कि टीम में लोग उनसे बात नहीं करते थे, जैसा वे पहले किया करते थे. एक समय फ़्रांसीसी टीम के स्टार खिलाड़ी रहे ऑनरी के मामले में कोच डोमेनेच ने विश्व कप से पहले ही संकेत दे दिए थे कि ऑनरी को ज़्यादा समय बेंच पर बैठे रहना पड़ सकता है.