For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
इंडियन सुपर लीग भविष्यवाणियों
VS

फ़ुटबॉल विश्व कप पर स्पेन का क़ब्ज़ा

By Staff
पंकज प्रियदर्शी

बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से

स्पेन की टीम दुनिया की उन चंद टीमों में शुमार हो गई है, जिसने फ़ुटबॉल का विश्व कप जीता है. जोहानेसबर्ग में खचाखच भरे सॉकर सिटी स्टेडियम में स्पेन ने दुनिया को दिखाया कि उनमें भी दम है. यूरो 2008 की चैम्पियन स्पेन की टीम ने इस विश्व कप में पहली बार सेमी फ़ाइनल और फिर फ़ाइनल में ख़िताब पर क़ब्ज़ा करने में सफलता पाई.

दोनों देशों के समर्थकों से भरे स्टेडियम में जब स्पेन के कप्तान कैसियास ने विश्व कप की ट्रॉफ़ी उठाई, तो स्पेनिश समर्थकों का उत्साह देखते ही बनता था. गाना-बजाना और आतिशबाज़ी के बीच उन्होंने अपनी टीम को वो सपना साकार करते देखा, जो वर्षों से वो देख रहे थे. दूसरी ओर नीदरलैंड्स की टीम तीसरी बार भी दुर्भाग्यशाली साबित हुई और उसे दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा.

वर्ष 1974 और 1978 के बाद टीम ने पहली बार फ़ाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन इस बार भी उनके हिस्से में ट्रॉफ़ी नहीं आई. नीदरलैंड्स और स्पेन के बीच हुए फ़ाइनल में काफ़ी तनाव था. मैच में काफ़ी उठा-पटक भी हुई. खिलाड़ियों ने गोल करने के कई सुनहरे अवसर गँवाए तो 14 खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखाया गया.

मैच के 109वें मिनट में तो नीदरलैंड्स के जॉनी हेटिंजा को दूसरी बार पीला कार्ड मिला और फिर लाल कार्ड दिखाकर उन्हें मैदान से बाहर कर दिया गया. इसके बाद 10 खिलाड़ियों से खेल रही नीदरलैंड्स की टीम दबाव में आई और फिर गोल भी हुआ. मैच के शुरू से ही स्पेन ने पकड़ बनाए रखी. हालाँकि बीच-बीच में नीदरलैंड्स के खिलाड़ी भी अपना रुतबा दिखा रहे थे.

लेकिन पूरे मैच की बात करें, तो स्पेन ने एक बार फिर दिखाया कि गेंद पर नियंत्रण रखने में उनका कोई सानी नहीं. इस मैच के दौरान स्पेन के खिलाड़ियों को गोल करने के कई बेहतरीन मौक़े मिले, तो नीदरलैंड्स के आयन रॉबेन ने भी दो बार गोल करने का अच्छा अवसर हाथ से निकल जाने दिया. रॉबेन अब उस क्षण का जीवन पर पछतावा करेंगे.

लेकिन ये मैच इंग्लिश रेफ़री के बार-बार खिलाड़ियों को पीला कार्ड देने के कारण भी जाना जाएगा. मैच के शुरुआती 28 मिनट में उन्होंने पाँच खिलाड़ियों को पीला कार्ड दिखा दिया था. नीदरलैंड्स के आयन रॉबेन ने गोल करने का मौक़ा गँवाया, तो स्पेन के डेविड विया, सर्जियो रामोस को भी अच्छे अवसर मिले थे. लेकिन सबसे बेहतरीन मौक़ा फ़ेब्रिगास को मिला, लेकिन वे भी गोल नहीं कर पाए.

90 मिनट में फ़ैसला नहीं हुआ तो मैच अतिरिक्त समय में गया और अतिरिक्त समय का पहला हाफ़ भी गोलरहित रहा. लेकिन अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ़ में स्पेन को वो स्वर्णिम अवसर मिल ही गया, जिसके लिए उसके समर्थक सांस रोके मैच देख रहे थे. मैच के 116वें मिनट में इनिएस्टा ने गोल करके अपनी टीम और समर्थकों को झूमने-नाचने पर विवश कर दिया.

इनिएस्टा का ये गोल ऐसे समय में हुआ जब नीदरलैंड्स के पास गोल उतारने के लिए काफ़ी कम समय बचे थे. और वही हुआ नीदरलैंड्स की टीम कुछ नहीं कर सकी. ...और फिर जैसे ही रेफ़री ने मैच समाप्ति की सीटी बजाई....खिलाड़ी मैदान में, समर्थक स्टेडियम और स्टेडियम के बाहर दीवाने हो गए. जश्न का आलम ये था कि किसी को ख़ुद की परवाह नहीं थी.

बस जश्न था और कुछ नहीं....होता भी क्यों ना, स्पेन की टीम फ़ुटबॉल की दुनिया की शहंशाह जो बन गई है...

फ़ाइनल मैच से पहले समापन समारोह में भी ख़ूब नाच-गाना हुआ. अफ़्रीक़ी संस्कृति की झलक दिखाते कई कार्यक्रम पेश किए गए....तो शकीरा ने एक बार फिर इस विश्व कप का आधिकारिक गाना वाका वाका गाकर लोगों को मुग्ध कर दिया.

लेकिन स्टेडियम में सबसे ज़्यादा शोर उस समय हुआ, जब पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला कुछ समय के लिए स्टेडियम में आए और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन दिया..लोगों ने भी वुवुज़ेला की तेज़ ध्वनि से अपने नेता का स्वागत किया.

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:23 [IST]
Other articles published on Nov 13, 2017
POLLS
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+