बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
मौजूदा विश्व चैम्पियन इटली और उसके सामने पराग्वे की टीम. लेकिन एक गोल के लिए जिस तरह इटली को संघर्ष करना पड़ा, वो उसके लिए अच्छा संकेत नहीं कहा जा सकता. जमकर हो रही बारिश के बीच केपटाउन स्टेडियम में विश्व चैम्पियन इटली किसी तरह अपनी लाज बचाने में सफल रही. इटली ने शुरू में कई अच्छे आक्रमण किए, लेकिन पराग्वे के तगड़े डिफेंस ने उसे नाकाम कर दिया.
पहले हाफ़ के 39वें मिनट में जो हुआ, उससे इटली कैंप को सकते में ला दिया. टोरेस के घूमते फ़्री किक को अपने शानदार हेडर से एलकराज़ ने इटली के गोल में गेंद डाल दी. स्कोर था पराग्वे-एक और इटली-शून्य.
एक गोल से पिछड़ने के बाद इटली की टीम जैसे दबाव में आ गई और फिर छीना-झपटी और उठा-पटक बढ़ गई. विश्व चैम्पियन टीम हताश-परेशान हो गई. लेकिन दूसरे हाफ़ में डी रोसी टीम के संकटमोचक बन कर सामने आए. दूसरे हा़फ़ के 63वें मिनट में पराग्वे के डिफेंस से चूक हुई और डी रोसी ने पेपे के कॉर्नर पर टांग अड़ाई और गेंद को गोल का रास्ता दिखाया. इसके बाद इटली के खेल में तेज़ी तो आई, लेकिन टीम मैच जीत नहीं पाई. उसे ड्रॉ से ही संतोष करना पड़ा.
जापान-कैमरून
लेकिन दिन का सबसे बड़ा उलटफेर उस समय हुआ जब जापान ने कैमरून को हरा दिया. अपने देश से बाहर विश्व कप में जापान ने पहली बार जीत हासिल की है. जापान की टीम ने पिछले दिनों कहा था कि वे ग्रीस के ख़िलाफ़ दक्षिण कोरिया के शानदार प्रदर्शन से प्रेरणा लेंगे और कैमरून के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन करेंगे.
हुआ भी यही पहले हाफ़ में ही युवा उभरते हुए खिलाड़ी किसुके होंडा ने दाईसुके मात्सुई के क्रॉस पर शानदार गोल किया और कैमरून के खिलाड़ी देखते रह गए. इस मैच में जापान ने अच्छा प्रदर्शन किया और डिफ़ेंस के साथ-साथ आक्रमण भी किया.
कैमरून के कप्तान सैमुएल एटो के प्रदर्शन पर सबकी नज़र थी, लेकिन उन्होंने कुछ ख़ास प्रभावित नहीं किया. एटो का राइट विंग से खेलना भी सवाल के घेरे में आया, क्योंकि उन्हें गेंद काफ़ी कम मिल रही थी.
डेनमार्क-नीदरलैंड
जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में हुए डेनमार्क और नीदरलैंड्स के बीच मैच में डेनमार्क की टीम कहीं भी मुक़ाबले में नज़र नहीं आई. हालाँकि मैच के शुरू में दोनों टीमों को जमने में थोड़ा समय लगा. लेकिन एक बार लय-ताल हासिल हो जाने के बाद नीदरलैंड्स की टीम ने न सिर्फ़ गेंद को अपने पास ज़्यादा समय तक रखा, बल्कि डेनमार्क के गोल पर कोई आक्रमण भी किए. लेकिन गोल नहीं हो सका.
पहले हाफ़ में डेनमार्क को भी गोल करने के मौक़े मिले. ख़ासकर उस समय जब बेंटेन्डर का एक हेडर गोल पोस्ट के पास से निकल गया. लेकिन दूसरे हाफ़ पूरी तरह नीदरलैंड का रहा. दूसरे हाफ़ के शुरू में ही नीदरलैंड्स के रॉबिन वैन पर्सी के एक शानदार क्रॉस को डेनमार्क के खिलाड़ी साइमन पॉलसन ने अपने हेडर से क्लियर करने की कोशिश की और यहीं चूक हो गई.
साइमन पॉलसन के सिर से टकरा कर गेंद डेनियल एगर के पीठ से टकराई और गेंद सीधे गोल में जा घुसी. डेनमार्क के खिलाड़ी हक्के बक्के रह गए. दूसरी ओर नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों का गोल पर आक्रमण जारी था. और मैच ख़त्म होने से पाँच मिनट पहले उन्हें मौक़ा भी मिला. डर्क क्यूट ने शानदार गोल करके अपनी टीम को 2-0 से जीत दिला दी.