बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
बुधवार को पहला मैच हॉडूरस और चिली के बीच नेल्सप्रेट में खेला जाएगा. वर्ष 1998 के बाद पहली बार चिली की टीम ने विश्व कप के लिए क्वालीफ़ाई किया है. दक्षिण अमरीकी क्वालीफ़ाइंग ग्रुप से चिली ने क्वालीफ़ाई किया है और इस राउंड में टीम ब्राज़ील से सिर्फ़ एक अंक पीछे थी.
चिली के कोच मार्चेलो बिसला ने एक आक्रामक टीम का गठन किया है और चिली ग्रुप राउंड से आगे अपने को देख रहा है. वैसे विश्व कप में चिली का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है. 1962 के बाद टीम विश्व कप में कोई मैच नहीं जीत पाई है.
दूसरी ओर हॉडूरस की टीम ने 28 साल बाद विश्व कप के लिए क्वालीफ़ाई किया है. हॉडूरस के कई खिलाड़ी इंग्लिश लीग में फ़ुटबॉल खेलते हैं. मेनॉर फ़िग्वेरोआ, विल्स पैलासियस और हेंड्री थॉमस इनमें शामिल हैं. चिली के हम्बर्टो स्वाज़ों से काफ़ी उम्मीद होगी क्योंकि उन्होंने क्वालीफ़ाइंग राउंड में सबसे ज़्यादा 10 गोल मारे थे. लेकिन कुछ दिनों पहले उन्हें चोट आ गई थी. फिर भी उम्मीद जताई जा रही है कि वे मैच में खेलेंगे.
स्पेन का दम
दिन का दूसरा मैच डरबन में स्पेन और स्विट्ज़रलैंड के बीच खेला जाएगा. दोनों टीमें अपना विश्व कप अभियान शुरू करने वाली आख़िरी टीमें होंगी. स्पेन की टीम का रिकॉर्ड ज़बरदस्त है. पिछले 49 मैचों में सिर्फ़ एक बार स्पेन की टीम हारी है और वो हार थी कंफ़ेडरेशंस कप में अमरीका के हाथों.
टीम में फ़र्नांडो टोरेस, डेविड विला, ज़ावी, इनिएस्टा जैसे खिलाड़ी हैं तो गोलकीपर कैसियस जैसा खिलाड़ी उनका नेतृत्व करने वाला. विश्व कप के क्वालीफ़ाइंग राउंड में स्पेन ने अपने सभी मैच जीते थे. स्पेन की टीम रैंकिंग में ब्राज़ील के बाद दुनिया की नंबर दो टीम है और विश्व कप ख़िताब की प्रबल दावेदार. यूरो कप के पहले दौर में ही बाहर हो गई स्विट्ज़रलैंड की टीम ने विश्व कप के क्वालीफ़ाइंग राउंड में जीत हासिल की.
लेकिन टीम के कप्तान एलेक्स फ़्राई घायल हैं और वे नहीं खेल पाएँगे. उनकी जगह एरेन डरडियोक टीम की कमान संभालेंगे. इन सबके बावजूद स्विट्ज़रलैंड को उम्मीद है कि टीम इस ग्रुप में स्पेन के बाद दूसरे नंबर पपर रहेगी. तीसरा और आख़िरी मैच प्रीटोरिया में मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और उरुग्वे के बीच खेला जाएगा. दोनों ही टीमों का पहला मैच ड्रॉ रहा था.
दक्षिण अफ़्रीका और मैक्सिको का मैच 1-1 से बराबर रहा था, तो फ़्रांस और उरुग्वे का मैच गोलरहित ड्रॉ रहा था. दक्षिण अफ़्रीका किसी भी तरह दूसरे दौर में जाने की कोशिश करेगा क्योंकि वह नहीं चाहता कि वो पहला मेज़बान देश बने जिसे दूसरे राउंड में जगह नहीं मिली.
संभावना है कि दक्षिण अफ़्रीका के कोच अल्बर्टो कार्लोस परेरा लेफ़्ट विंगर सेपो मसीलेला को टीम में शामिल करेंगे और टीम में यही एकमात्र बदलाव हो सकता है. उरुग्वे की टीम निकोलस लोडेरो के बिना होगी, जिन्हें फ़्रांस के ख़िलाफ़ मैच में रेड कार्ड मिला था. टीम डिएगो फॉरलैन से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी. उरुग्वे की टीम 1930 और 1950 में विश्व कप का ख़िताब जीती थी, लेकिन उसके बाद विश्व कप में टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है.