अमरीका में वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर की मदद से एक ऐसी तकनीक निकाली है जिसके ज़रिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सही आंकड़ों के आधार पर मापा जा सकेगा किसी की निजी राय के आधार पर नहीं. वैज्ञानिकों की ये खोज पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ़ साइंस के जरनल में छपी है. बहुत से खेलों में खिलाड़ियों की रैकिंग करना आसान है. उदाहरण के लिए गोल्फ़ और टेनिस में खिलाड़ियों ने पैसे कितने कमाए इस आधार पर उनकी रैंकिंग तय होती है.
क्रिकेट और बासकेट बॉल जैसे खेल में खिलाड़ी के निजी आंकड़ों के आधार पर फ़ैसला किया जा सकता है कि कौन सा खिलाड़ी सबसे बेहतर है. लेकिन फ़ुटबॉल में किसी खिलाड़ी के ज़रिए किए गए गोल के अलावा शायद ही कोई ऐसा तरीक़ा है जिससे किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का आकलन किया जा सके. अमरीका के नार्थवेस्टर्न विश्व विधालय के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर की मदद से ऐसा सिस्टम तैयार किया है जिसकी मदद से उन्हें यक़ीन है कि वे फ़ुटबॉल के खिलाड़ियों का सटीक आकलन कर सकेंगे.
खेल के दौरान साथी खिलाड़ी को गोल में तब्दील होने वाले पास देने के आधार पर टीम के हर एक खिलाड़ी का आकलन किया गया. जितनी बार खिलाड़ी ने पास दिया उतना ही बेहतर उस खिलाड़ी का प्रदर्शन माना जाएगा. वैज्ञानिकों ने 2008 के यूरोपिय चैम्पियनशिप में इस सिस्टम के ज़रिए खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन किया था.
खेल संवाददाताओं और मैनेजरों ने जिन खिलाड़ियों को सबसे बेहतर चुना था, वैज्ञानिकों ने भी अपने शोध के आधार पर उन्हीं खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना था. इस सिस्टम को इजाद करने वाले प्रोफ़ेसर लुई अमारल ने कहा, "इस तकनीक का इस्तेमाल करके खेल के हर स्तर पर खिलाड़ियों का आकलन किया जा सकता है. साथ ही इसकी मदद से टीमों के प्रदर्शन की भविष्यवाणी भी की जा सकती है."
प्रोफ़ेसर अमारल ने दावा किया है कि इस तकनीक की मदद से वो पहले राउंड के ख़त्म हो जाने के बाद कौन सी टीम इस बार का विश्व कप जीतेगी इसकी भी वो सटीक भविष्यवाणी कर देंगे.