बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
मौजूदा विश्व कप में अपने अस्तित्व की लड़ाई के लिए मंगलवार को मैदान में उतरने वाली फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल टीम के कई स्टार खिलाड़ी इस अहम मैच में नहीं खेल सकते हैं. वजह है निकोलस एनेल्का को टीम से निकाले जाने के बाद से उभरा विवाद.
फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन के ख़िलाफ़ बग़ावत का झंडा उठाने वाले कई स्टार खिलाड़ी इतने क्षुब्ध हैं कि उन्हें टीम का हिस्सा बनने में कोई रुचि नहीं. इस बीच राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी के निर्देश पर दक्षिण अफ़्रीका पहुँचीं खेल मंत्री रोजलिन बैचलेट ने भी खिलाड़ियों को मनाने की कोशिश की है.
लेकिन साथ ही मीडिया में यह संदेश भी देने की कोशिश की जा रही है कि रविवार को ट्रेनिंग का बहिष्कार करके खिलाड़ियों ने खेल का मर्यादा का उल्लंघन किया है. खेल मंत्री ने मीडिया में यही कहा कि खिलाड़ियों के क़दम से देश की छवि को धक्का लगा है.
रिपोर्ट तो यहाँ तक है कि कप्तान पैट्रिस एवरा भी मंगलवार के अहम मैच से दूर रह सकते हैं. सोमवार को कप्तान और कोच के संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस से एवरा दूर रहे. बाद में विवादों में रहे कोच रेमंड डोमेनेच ने भी अपनी आशंका ज़ाहिर कर ही दी. उन्होंने कहा कि उन्हें भी संदेह है कि कई खिलाड़ी इस मैच में खेलने को उत्सुक नहीं.
संकट में टीम
हालाँकि उन्होंने निश्चित रूप से इस मामले पर कुछ नहीं कहा बल्कि सिर्फ़ आशंका ज़ाहिर की. लेकिन उनके बयान से इसका तो अंदाज़ा होता ही है कि फ़्रांसीसी टीम कितने बड़े संकट से गुज़र रही है. फ़्रांस के लिए मंगलवार का मैच कितना अहम है इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि उसे दूसरे दौर में पहुँचने के लिए किसी भी क़ीमत पर जीत हासिल करनी होगी.
इसके अलावा मैक्सिको-उरुग्वे मैच के नतीजे पर भी उसका भविष्य निर्भर करेगा. इस बीच फ़्रांसीसी फ़ुटबॉल टीम के पूर्व स्टार खिलाड़ी ज़िनेदिन ज़िदान ने भी ट्रेनिंग न करने के खिलाड़ियों के रवैए की आलोचना की है.