वापसी का सबसे अच्छा जरिया बना मिश्रित युगल खिताब : सानिया
सानिया और भूपति खिताबी जीत के बाद सोमवार को छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। दोनों का जोरदार स्वागत किया गया। यह पहला मौका है जब भारत की टेनिस जोड़ी ने कोई ग्रैंड स्लैम मिश्रित युगल खिताब जीता है।
सानिया ने कहा, "करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीतना हमेशा खास रहा है। मेरे लिए यह ज्यादा खास है क्योंकि चोट के बाद मैंने सीधे इसी के जरिए अंतर्राष्ट्रीय टेनिस में वापसी की है। मैं इस सफलता से बहुत खुश हूं।"
कलाई की चोट के कारण सानिया लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय टेनिस से दूर थीं। इस जीत के साथ वह ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली देश की पहली महिला टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं। कलाई की चोट के कारण 22 वर्षीय सानिया 2008 के अंतर्राष्ट्रीय टेनिस सर्किट में इक्का-दुक्का मैच ही खेल सकी थीं। यही नहीं, चोट और खराब खेल ने उन्हें डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष-100 से भी बाहर कर दिया था।
दूसरी ओर, भूपति ने अपने करियर का 11वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। उन्होंने सात बार मिश्रित युगल खिताब जीता है। उन्होंने कहा, "हम बहुत बढ़िया खेले। हम खिताबी जीत से खुश हैं और अब कुछ दिन आराम करना चाहते हैं। आने वाले दिनों में भी हम साथ-साथ खेलते रहेंगे।"
मिश्रित युगल खिताब जीतने वाले भूपति युगल वर्ग के फाइनल में भी पहुंचे थे लेकिन खिताबी मुकाबले में वह अपने जोड़ीदार बहामास के मार्क नोल्स के साथ हार गए। अमेरिका के ब्रायन बंधुओं माइक और बॉब ने युगल खिताब जीता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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