फीफा विश्व कप : 32 वर्ष बाद फाइनल में हॉलैंड (राउंडअप)
32 वर्ष के अंतराल के बाद फाइनल में जगह बनाने के लिए इस यूरोपीयन पावरहाउस टीम ने मंगलवार को केपटाउन के ग्रीन प्वाइंट स्टेडियम में खेले गए रोमांच से भरपूर पहले सेमीफाइनल मुकाबले में दो बार के चैम्पियन उरुग्वे को 3-2 से पराजित किया।
हॉलैंड के लिए कप्तान जियोवानी हार्स्ट ब्रांकहार्स्ट (18वें), वेस्ले श्नाइडर (70वें) और अर्जेन रोबेन (73वें) मिनट में गोल किया जबकि उरुग्वे के लिए पहला गोल उसके स्टार स्ट्राइकर डिएगो फोर्लान (41वें) मिनट में और दूसरा गोल मैक्सीमिलानो पेरेरा (90 +2सरे) मिनट में दागा। मध्यांतर तक दोनों टीमों 1-1 की बराबरी पर थीं।
श्नाइडर और रोबेन ने हालांकि अहम मुकाम पर गोल करके अपनी टीम को 3-1 की महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई थी लेकिन एक लिहाज से उनके ये गोल साधारण गोलों की श्रेणी में गिने जा सकते हैं लेकिन ब्रांकहार्स्ट और फोर्लान ने ग्रीन प्लाइंट स्टेडियम में जुटे 60,000 से अधिक फुटबाल प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन करते हुए दर्शनीय गोल किए।
फोर्लान ने 41वें मिनट में अपनी छवि के अनुरूप खेल दिखाते हुए मूव पर नहीं बल्कि अपने पैरों की शक्ति पर भरोसा किया और लगभग 25 गज की दूरी से बेहद शानदार गोल किया। इससे पहले हॉलैंड के कप्तान ने लगभग 30 गज की दूरी से लिए गए किक के माध्यम से अपनी टीम के लिए हैरतअंगेज गोल किया था। निश्चित तौर पर इस गोल को इस विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ गोलो में शामिल किया जाएगा।
श्नाइडर ने इस विश्व कप में अपना पांचवां गोल किया। इस तरह वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी को दिए जाने वाले 'गोल्डन बूट' की दौड़ में स्पेन के डेविड विला की बराबरी पर आ गए हैं। उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया।
हॉलैंड की टीम तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। यही नहीं, वह लगातार 25 मैचों से अजेय है। दूसरी ओर, इस हार के साथ उरुग्वे की टीम का 60 साल बाद एक बार फिर खिताबी मुकाबला खेलने का सपना अधूरा रह गया।
उरुग्वे की टीम 11वीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही थी। उसने 1930 में फीफा विश्व कप के पहले संस्करण का खिताब जीता था। फाइनल में उसने अर्जेटीना को 4-2 से पराजित किया था। इसके बाद इस टीम ने 1950 में ब्राजील को हराकर अपना दूसरा खिताब जीता था। उरुग्वे की टीम 40 साल के अंतराल के बाद सेमीफाइनल में पहुंची थी। उसने 1970 में मेक्सिको में चौथा स्थान हासिल किया था।
यह विडंबना ही है कि फुटबाल जगत की महाशक्ति मानी जाने वाली हॉलैंड की टीम ने अब तक एक बार भी विश्व कप नहीं जीता है। वह दो बार उपविजेता रही है। इस बार उसने ब्राजील को हराकर सेमीफाइनल में खेलने का श्रेय हासिल किया और अब उसका सामना जर्मनी और स्पेन के बीच बुधवार को डरबन में होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
नौवीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हॉलैंड की टीम विगत 32 वर्षो से फाइनल में नहीं पहुंच सकी थी। वह पहली बार 1974 और दूसरी बार 1978 में फाइनल में पहुंची थी लेकिन बहुत कम अंतर से खिताबी जीत से चूक गई थी। इस टीम ने 1998 में फ्रांस में खेले गए विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications