मैच फिक्सिंग विवाद : पाकिस्तानी खिलाड़ियों से पूछताछ, मोबाइल जब्त (राउंडअप)
लंदन/इस्लामाबाद/दुबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। दिन में तेजी के साथ बदले घटनाचक्र के तहत ब्रिटिश अधिकारियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों द्वारा कथित रूप से मैच फिक्स किए जाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया और इस मामले में लिप्त खिलाड़ियों से पूछताछ की।
दूसरी ओर इस्लामाबाद में पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने मंगलवार को कहा कि यदि खिलाड़ियों को दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत किया कि पाक को बदनाम करने की यह एक साजिश भी हो सकती है।
मलिक ने कहा, "हम इस मामले को हर संभावित कोण से देख रहे हैं, क्योंकि यह देश के खिलाफ साजिश भी हो सकती है। कुछ लोगों को बदनाम करने के लिए फर्जी वीडियो भी तैयार किए जा सकते हैं, क्योंकि प्रौद्योगिकी के इस युग में कुछ भी संभव है। अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है।"
मलिक ने कहा कि जरूरत पड़ी तो संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के एक दल को तथ्यों को इकट्ठा करने के लिए लंदन रवाना किया जाएगा।
उधर द गार्जिन ने खबर दी है कि लंदन में तीन खिलाड़ियों - कप्ताल सलमान बट्ट और गेंदबाज मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ- से स्कॉटलैंड यार्ड के अधिकारियों ने उनके होटल में पूछताछ की और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए। ये तीनों खिलाड़ी इस विवाद के केंद्र में हैं।
ऐसा लगता है कि उन खिलाड़ियों से दौरे बाकी बचे हिस्से से अलग होने के लिए कह दिया जाए। वे बुधवार को पाकिस्तानी टीम से आधिकारिक तौर पर मिलेंगे।
पाकिस्तानी टीम के प्रबंधक यावर सईद ने मंगलवार को टीम के होटल में घोषणा की कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष एजाज बट और देश के उच्चायुक्त बैठक में उपस्थित रहेंगे। सईद ने कहा कि उसके बाद खिलाड़ियों के दस्ते में वापस लौटने की संभावना है।
एक अन्य घटनाक्रम के तहत एचएम रेवेन्यू और कस्टम्स ने कहा कि दो पुरुषों और एक महिला को रविवार को गिरफ्तार किया गया था और उनसे पूछताछ की गई। तीनों लंदन के निवासी हैं। बाद में तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
बहरहाल, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जांच के जल्द निपटारे और दोषी पाए जाने पर आरोपी खिलाड़ियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने साफ कर दिया है कि जब तक स्कॉटलैंड यार्ड इस मामले में ठोस सबूत नहीं पेश करती, तब तक वह अपने खिलाड़ियों को निलंबित नहीं करेगा।
पीसीबी प्रमुख एजाज बट्ट ने वेबसाइट 'क्रिक इंफो डॉट कॉम' से कहा, "इस मामले में स्कॉटलैंड यार्ड की जांच चल रही है। जो कुछ चल रहा है वह अभी सिर्फ आरोप है। इस संबंध में किसी खिलाड़ी पर आरोप तय नहीं हुआ है। ऐसे में हम किसी खिलाड़ी को निलंबित करने का कड़ा फैसला नहीं कर सकते।"
उधर, पाकिस्तानी टीम के तीन आरोपी खिलाड़ियों-सलमान बट्ट, मोहम्मद आमेर और मोहम्मद आसिफ को टांटन में मंगलवार को अभ्यास नहीं करने दिया गया। पाक टीम अभ्यास मैच खेलने टांटन पहुंची है। इसके बाद उसे इंग्लैंड के साथ ट्वेंटी-20 और एक दिवसीय श्रृंखला खेलनी है।
पूरे मामले को लेकर पाकिस्तान में मंगलवार को खासा गहमागहमी रही।
समाचार चैनल 'जियो न्यूज' के मुताबिक यह पाकिस्तानी जांच दल दो दिनों के भीतर लंदन पहुंच सकता है। मामले की जांच में जुटी स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने कहा है कि उसने अब तक हुई जांच का ब्यौरा एफआईए को मुहैया करा दिया है।
इस बीच लाहौर उच्च न्यायाल ने एक वकील द्वारा दायर याचिका पर पीसीबी और खेल मंत्री को इस प्रकरण के संदर्भ में नोटिस जारी किए हैं।
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द डेली टाइम्स' के मुताबिक वकील चौैधरी इश्तियाक अहमद ने यह कहते हुए अदालत में याचिका दायर की है कि खिलाड़ियों ने अपने स्वार्थ के कारण देश की छवि खराब की है, लिहाजा उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए।
पाकिस्तानी खिलाड़ी अगर मैच फिक्सिंग के दोषी पाए जाते हैं तो अदालत उनके खिलाफ संविधान के अनुच्छेद-6 के अंतर्गत फांसी की सजा सुना सकती है। इसी याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाकिस्तान के खेल मंत्री एजाज जाखरानी और अध्यक्ष एजाज बट्ट को भी इस मामले में नोटिस जारी किए हैं। न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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