नई दिल्ली(विवेक शुक्ला)। अमिताभ बच्चन ने आज एक कमेंटेटर के रूप में अपनी छाप छोड़ दी। उन्होंने भारत-पाकिस्तान के खिलाफ हो रहे मैच में कमेंट्री की। वे बहुत शांत भाव से बोल रहे थे। उनके पास भाषा तो है। वे क्षेत्ररक्षकों के स्थान को बता रहे थे। उससे वे बता गए कि उनके पास क्रिकेट की ठोस जानकारी है।
फिटनेस फंडे
अमिताभ बच्चन से राहुल द्रविड़ ने उनसे फिटनेस के मंत्र भी पूछे। उनसे यह भी पूछा कि वे किस तरह से अपने को अब भी एक्टिव रखने के लिए मोटिवेट करते हैं।
कमेंट्री से प्रभावित
क्रिकेट कमेंटेटर रवि चतुर्वेदी भी अमिताभ की कमेंट्री के स्तर से बहुत प्रभावित दिखे। कहने लगे कि वे तो बहुत ही पेशेवर अंदाज में कमेंट्री करते रहे। उनके ऊपर किसी तरह का प्रेशर नहीं दिखा। वे अपनी बात को बेहतर ढंग से सुनने वालों तक पहुंचा रहे थे। विश्वास से लबरेज तो वे थे ही।
नायक का व्यवहार
वरिष्ठ पत्रकार हरीश चंद्र को अमिताभ की यह बात पसंद आई कि उन्होंने एक नायक की तरह से दोनों टीमों को शुभकामनाएं दी। ये कोई उनके कद का इंसान ही कर सकता है। वे मानते हैं कि अमिताभ बच्चन के इस व्यवहार से उनके पाकिस्तान में प्रशंसकों की तादाद बढ़ेगी ही।
हालांकि आज कुछ क्रिकेट प्रेमियों को कपिल देव की कमेट्री के स्तर से निराशा हुई। कुछ लोग कह रहे थे कि वे अपने साथी कमेंटेटर शोएब अख्तर को बार-बार कह रहे थे कि इस बात को शोएब बेहतर बता सकता है। कायदे से उन्हें सकता के स्थान पर सकते शब्द का प्रयोग करना चाहिए।