जिंबाब्वे की टीम 49 ओवर बल्लेबाजी कर सकी। लीग मुकाबलों में शानदार बल्लेबाजी करने वाले जिंबाब्वे के खिलाड़ी इस मुकाबले में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। तातेंदा ताइबू (71) और ग्रेग लैम्ब (37) को छोड़कर कोई और बल्लेबाज उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
अब तक अच्छी बल्लेबाजी करते आए हेमिल्टन मासाकाद्जा (4), श्रृंखला में सर्वाधिक रन बटोरने वाले ब्रेंडर टेलर (19), क्रेग इरविन (9), कप्तान एल्टन चिगुम्बुरा (10), चार्ल्स कोवेंट्री (18) और ग्रीम क्रेमर (5) ने निराश किया।
ताइबू ने मुश्किल समय में विकेट पर टिके रहते हुए 93 गेंदों का सामना किया और चार चौके लगाए। लैम्ब ने 65 गेंदों की पारी के दौरान एक बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 90 रन जोड़े। प्रास्पर उत्सेया 10 रन बनाकर नाबाद लौटे।
श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज दिलहारा फर्नाडो ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि असंथा मेंडिस और जीवन मेंडिस की स्पिन जोड़ी ने दो-दो विकेट हासिल किए। नुवान कुलसेकरा को भी एक सफलता मिली।
मेजबान टीम ने टेलर की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत इस श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने चार में से तीन लीग मैच जीते थे जबकि उसे सिर्फ एक में हार का सामना करना पड़ा था। श्रीलंका की टीम का प्रदर्शन यहां औसत रहा है।
तिलकरत्ने दिलशान की कप्तानी में खेल रही युवा श्रीलंकाई टीम ने यहां दो मैच जीते हैं जबकि दो में उसकी हार हुई। इस श्रृंखला की तीसरी टीम भारत की थी, जो अपने तीन लीग मैच गंवाकर बाहर हो चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।