फेडरेशन ने हिमा दास की अंग्रेजी पर उठाया सवाल, लोगों ने कुछ इस तरह लगाई क्लास
नई दिल्ली। भारतीय एथलीट हिमा दास ने गुरुवार को इतिहास रचते हुए आईएएएफ वर्ल्ड अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 400 मीटर फाइनल में गोल्ड मेडल जीता। हिमा ट्रैक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वालीं भारत की पहली एथलीट बन गई हैं। 18 वर्षीय दास ने 51.46 सेकंड का समय निकालकर टॉप पोजीशन हासिल की। दास ने बुधवार को सेमीफाइनल में भी 52.10 सेकंड का समय निकालकर टॉप किया था। पहले राउंड में भी उन्होंने 52.25 सेकंड का रिकॉर्ड समय निकाला था। आपको बता दें कि असम की रहने वाली हिमा दास अप्रैल में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में छठे स्थान पर रही थीं। इसके बाद से वह लगातार अपना समय सुधारती रही हैं। हाल ही में उन्होंने अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। इस इवेंट में उन्होंने 51.13 सेकंड का समय निकाला था और अब मूलत: 100 और 200 मीटर की धाविका हिमा ने पहली बार 400 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया और अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। हिमा एक किसान के पांच बच्चों में सबसे छोटी बेटी हैं। इस सफलता के बाद जब उनसे बातचीत की गई तो पराये मुल्क में उन्होंने सवालों का जवाब अंग्रेजी में दिया जिसको लेकर एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उनका मजाक उड़ाया है इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने फेडरेशन को जमकर फटकार लगाई।
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फेडरेशन ने किया ट्विट
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने ट्वीट में लिखा कि ‘हिमा दास जीत के बाद मीडिया से बात करती हुईं। अंग्रेजी में उतनी निपुण नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ भी दिया है। हिमा दास हमें आप पर नाज है। ऐसे ही धूम मचाते रहिए और फाइनल में भी अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए।
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एक यूजर ने उठाया सवाल
एक यूजर ने फेडरेशन के इस ट्विट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि कि आखिर यहां इस बात का कि हिमा को अंग्रेजी सही से नहीं आती का जिक्र करना क्यों जरूरी थी। वैसे भी किसी खिलाड़ी के लिए अंग्रेजी बोलना कितना जरूरी है।
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हिमा का खेल ही उसकी भाषा का प्रतीक
एक यूजर ने लिखा कि भाषा सिर्फ अपनी बात पहुंचाने का माध्यम है जबकि हिमा ने जो किया वो वास्तव में सराहनीय है और उनकी संघर्ष गाथा वास्तव में एक कविता की तरह है।
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