फीफा विश्व कप : श्नाइडर और रोबेन ने हॉलैंड को बढ़त दिलाई (लीड-4)
हॉलैंड की टीम ने 70वें मिनट में वेस्ले श्नाइडर द्वारा किए गए गोल की मदद से 2-1 बढ़त बनाई। श्नाइडर ने इस विश्व कप में अपना पांचवां गोल किया। इस तरह वह गोल्डन बूट की दौड़ में स्पेन के डेविड विला की बराबरी पर आ गए हैं।
तीन मिनट बाद अर्जेन रोबेन ने एक और गोल करके अपनी टीम को 3-1 से आगे कर दिया। मध्यांतर तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं। हॉलैंड की टीम ने मैच का पहला गोल किया था।
उसके लिए पहला गोल कप्तान जियोवानी हार्स्ट ब्रांकहार्स्ट ने 18वें मिनट में किया था जबकि उरुग्वे के स्ट्राइकर डिएगो फोर्लान ने 41वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया था। फोर्लान ने अपनी छवि के अनुरूप खेल दिखाते हुए मूव पर नहीं बल्कि अपने पैरों की शक्ति पर भरोसा किया और एक बेहद शानदार गोल किया।
इससे पहले हॉलैंड के कप्तान ने लगभग 30 गज की दूरी से लिए गए किक के माध्यम से अपनी टीम के लिए हैरतअंगेज गोल किया था। निश्चित तौर पर इस गोल को इस विश्व कप के सर्वश्रेष्ठ गोलो में शामिल किया जाएगा।
हॉलैंड की टीम न सिर्फ तीसरी बार फाइनल में पहुंचने के लिए खेल रही है बल्कि वह लगातार 24 मैचों का अपना विजय अभियान भी जारी रखना चाहेगी। उरुग्वे की टीम 60 साल बाद एक बार फिर खिताबी मुकाबले के लिए अपना स्थान सुरक्षित कराना चाहेगी।
उरुग्वे की टीम 11वीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही है। उसने 1930 में फीफा विश्व कप के पहले संस्करण का खिताब जीता था। फाइनल में उसने अर्जेटीना को 4-2 से पराजित किया था। इसके बाद इस टीम ने 1950 में ब्राजील को हराकर अपना दूसरा खिताब जीता था।
उरुग्वे की टीम 40 साल के अंतराल के बाद सेमीफाइनल में पहुंची है। उसने 1970 में मेक्सिको में चौथा स्थान हासिल किया था लेकिन तब से लेकर आज तक वह कभी भी अंतिम-16 दौर से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
यह विडंबना ही है कि फुटबाल जगत की महाशक्ति मानी जाने वाली हॉलैंड की टीम ने अब तक एक बार भी विश्व कप नहीं जीता है। वह दो बार उपविजेता रही है। इस बार उसने ब्राजील को हराकर सेमीफाइनल में खेलने का श्रेय हासिल किया है और ब्राजील के खिलाफ उसके प्रदर्शन को देखते हुए उसके खिताब जीतने को लेकर कोई शक नहीं रह जाता है।
नौवीं बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हॉलैंड की टीम 32 वर्षो से फाइनल में नहीं पहुंच सकी है। वह पहली बार 1974 और दूसरी बार 1978 में फाइनल में पहुंची थी लेकिन बहुत कम अंतर से खिताबी जीत से चूक गई थी। इस टीम ने 1998 में फ्रांस में खेले गए विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था।
दोनों टीमों के अब तक के प्रदर्शन पर नजर डालने पर हॉलैंड का पलड़ा भारी नजर आता है। हॉलैंड ने जहां ग्रुप स्तर पर अपने तीनों मैच जीते हैं वहीं उरुग्वे ने पूर्व चैम्पियन फ्रांस को बराबरी पर रोकने के बाद दक्षिण अफ्रीकी और मेक्सिको को पराजित किया था।
दूसरे दौर में उरुग्वे ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था जबकि अंतिम चार दौर में जगह बनाने के लिए उसने अफ्रीकी महाशक्ति घाना को पेनाल्टी शूटआउट के बाद 4-2 से पराजित किया था। अतिरिक्त समय की समाप्ति तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।
हॉलैंड ने अपने अंतिम-16 मैच में स्लोवाकिया को 2-1 से हराया था जबकि क्वार्टर फाइनल में उसने ब्राजील पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। हॉलैंड ने वह मैच 2-1 से जीता था। हॉलैंड के लिए दोनों गोल वेस्ले श्नाइडर ने किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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