भारत का 5 मैचों की श्रृंखला पर 4-1 से कब्जा (लीड-8)
भारतीय टीम ने लगातार दूसरी एकदिवसीय श्रृंखला में श्रीलंका को उसी के घर में पराजित किया है। इससे पहले उसने जुलाई 2008 में उसे 3-2 से पराजित किया था।
टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान (97), कुमार संगकारा (84), सनत जयसूर्या (37) और फरवेज महरूफ (32) की बेहतरीन पारियों की बदौलत निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट पर 320 रन बनाए। जवाब में खेलने उतरी भारतीय टीम 48.5 ओवर में 252 रनों पर पेवेलियन लौट गई।
संगकारा को उनकी शानदार पारी के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया जबकि पूरी श्रृंखला के दौरान अपनी बल्लेबाजी से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले भारत के बाएं हाथ के धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह को 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया।
श्रीलंका द्वारा दिए गए 321 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने मात्र नौ रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (6) और सुरेश रैना (0) के विकेट गंवा दिए थे।
सहवाग को थिलान तुषारा ने जयसूर्या के हाथों कैच कराया जबकि नुवान कुलसेकरा ने रैना को खाता भी नहीं खोलने दिया।
गौतम गंभीर (13) ने युवराज के साथ तीसरे विकेट के लिए 43 रन जोड़कर अपनी टीम की स्थिति सुधारने की कोशिश की लेकिन कुलसेकरा ने उन्हें संगकारा के हाथों कैच कराकर भारत को बड़ा झटका दिया।
इसके बाद रोहित शर्मा (15) ने युवराज के साथ कमान संभाली लेकिन कुल योग में 33 रन जोड़ने के बाद वह भी चलते बने। रोहित को महरूफ ने कुलसेकरा के हाथों कैच कराया।
रोहित की विदाई के बाद युवराज ने कप्तान के साथ पारी को संवारने का क्रम शुरू किया लेकिन 73 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर वह मुरलीधरन द्वारा अपनी ही गेंद पर कैच कर लिए गए। युवराज ने अपने 62 गेंदों की आतिशी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया।
चौथे मैच में कप्तान के साथ अपनी टीम की नैया पार लगाने वाले यूसुफ पठान (3) इस मैच में कमाल नहीं कर सके और मुरलीधरन की गेंद पर पगबाधा आउट करार दिए गए।
युवराज और यूसुफ की विदाई के बाद धोनी ने अपना पहला मैच खेल रहे रवींद्र जडेजा (नाबाद 60) के साथ तेजी से रन बटोरने का प्रयास किया लेकिन अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद वह जयसूर्या की गेंद पर कुलसेकरा के हाथों लपक लिए गए। धोनी ने अपनी 58 गेंदों की पारी में एक चौका और दो छक्के लगाए।
धोनी के आउट होने के बाद अब टीम को जीत दिलाने का दारोमदार जडेजा और इरफान पठान पर आ गया। जडेजा तो एक छोर पर डटे रहकर काफी हद तक अपनी भूमिका को अंजाम देते रहे लेकिन पठान (8) काफी देर तक संघर्ष करने के बाद असंथा मेंडिस की गेंद पर चमारा कापूगेदेरा के हाथों लपके गए।
इसी बीच जडेजा ने अपना अर्धशतक पूरा किया। वह अपने पहले ही अंतर्राष्ट्रीय मैच में अर्धशतक लगाने वाले 11वें भारतीय बल्लेबाज बने। जडेजा ने 66 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 50 रन बनाए। जडेजा ने अपनी 77 गेंदों की पारी में पांच चौके लगाए।
पठान के आउट होने के बाद लक्ष्मीपति बालाजी जडेजा का साथ देने आए लेकिन सात रन बनाने के बाद वह भी मेंडिस की गेंद पर कुलसेकरा के हाथों लपके गए। कुलसेकरा ने मैच का चौथा कैच लपका।
इसके बाद तो भारत की हार लगभग तय हो गई। मैच के 49वें ओवर की आखिरी गेंद पर महरूफ ने ईशांत शर्मा (4) को बोल्ड कर अपनी टीम को जीत दिला दी। इस तरह भारत के हाथ से श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने का सुनहरा मौका निकल गया।
श्रीलंका की ओर से महरूफ, कुलसेकरा, मुरलीधरन और मेंडिस ने दो-दो विकेट लिए जबकि जयसूर्या और तुषारा को एक-एक सफलता मिली।
इससे पहले, श्रीलंकाई टीम ने पहली बार अपनी बल्लेबाजी की चमक दिखाई। नतीजतन वह भारत के सामने 321 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रही।
सलामी बल्लेबाज दिलशान (97) और दिग्गज जयसूर्या (37) ने पहले विकेट के लिए 10.1 ओवर में 66 रन जोड़कर अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दी थी।
बेहद खतरनाक दिख रहे जयसूर्या हालांकि 66 रन के कुल योग पर पठान द्वारा रैना के हाथों कैच करा दिए गए लेकिन दूसरे छोर पर दिलशान की उम्दा पारी जारी रही।
जयसूर्या ने अपनी 35 गेंदों की पारी में सात चौके लगाए। इसके बाद संगकारा (84) और दिलशान ने दूसरे विकेट के लिए 22.4 ओवर में 143 रन जोड़कर अपनी टीम को और मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
इस जोड़ी को युवराज ने तोड़ा। उन्होंने संगकारा को रोहित के हाथों कैच कराया। संगकारा ने 70 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का लगाया।
संगकारा के आउट होने के बाद दिलशान और थिलिना केनडैंबी (26) ने कुल योग को 255 रनों तक पहुंचा दिया लेकिन ईशांत ने केनडैंबी को बोल्ड कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। केनडैंबी ने 26 गेंदों का सामना करते हुए तीन चौके लगाए।
दूसरे छोर पर बिना किसी दिक्कत के बल्लेबाजी कर रहे दिलशान शतक के करीब पहुंच चुके थे लेकिन रोहित ने उन्हें यह अवसर हासिल नहीं करने दिया।
दिलशान शतक से मात्र तीन रन पहले रोहित द्वारा रन आउट कर दिए गए। उन्होंने अपनी 117 गेंदों की नायाब पारी में नौ चौके लगाए।
श्रीलंका ने बिना कोई रन जोड़े केनडैंबी और दिलशान का विकेट गंवा दिया। उसकी यह मुश्किल आगे भी जारी रही। कप्तान माहेला जयवर्धने (1) और कापूगेदेरा (0) भी एक रन जोड़ने के बाद पेवेलियन लौट गए। इस तरह श्रीलंका ने एक रन के अंतराल में चार विकेट गंवा दिए।
इसके बाद हालांकि महरूफ (32), तुषारा (11) और कुलसेकरा (नाबाद 10) ने तेजी से रन बटोकर अपनी टीम का कुल योग 300 रनों के पार पहुंचा दिया।
महरूफ ने विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाया। इस तरह निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति पर मेजबान टीम आठ विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाने में सफल रही।
भारत की ओर ईशांत ने सर्वाधिक तीन विकेट लिए जबकि युवराज ने दो और पठान ने एक विकेट लिया। मेजबान टीम के दो बल्लेबाज रन आउट हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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