'भारत का प्रतिनिधित्व सिर्फ़ भारतीय करेंगे'
शुक्रवार को सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशी, ग़ैर-भारतीय या भारतीय मूल के ख़िलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते हैं और भारत के प्रतिनिधित्व के लिए ज़रूरी है कि ख़िलाड़ी के पास भारतीय नागरिकता हो.
सरकार का ताज़ा फ़ैसला दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद आया है जिसमें अदालत ने सरकार से कहा था कि भारतीय प्रतिनिधित्व के सिलसिले एक 'समान नीति' बनाई जाए.
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "सरकार ने फ़ैसला किया है कि जिन खिलाड़ियों के पास भारतीय नागरिकता होगी उन्हीं को सरकारी मदद मिल सकती है और वे ही भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं."
कई को झटका
सरकार ने फ़ैसला किया है कि जिन खिलाड़ियों के पास भारतीय नागरिकता होगी उन्हीं को सरकारी मदद मिल सकती है और वे ही भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं सरकारी बयान
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सरकार के इस फ़ैसले से सबसे बड़ा झटका टेनिस खिलाड़ी अमृत राज, सुनीता राव, शिखा और नेहा ऑबेरॉय को होगा जो अमरीकी नागरिक हैं.
हालाँकि माना जा रहा है कि शिखा अपना अमरीकी पासपोर्ट समर्पण करने के लिए राज़ी हो गई हैं अगर ऐसा होता है को वो भारत के लिए खेलना जारी रख सकती हैं.
ब्रितानी नागरिकता प्राप्त खिलाड़ी जूनियर स्क्वैश कर्म कुमार ने स्क्वैश फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के उस फ़ैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चनौती दी थी जिसमें फ़ेडरेशन ने फ़ैसला किया था कि सिर्फ़ भारतीय खिलाड़ियों को ही देश में खेलने की इजाज़त होगी.
हाईकोर्ट के ज़रिए इस मामले पर एक समान नीति बनाने का आदेश दिए जाने के बाद सरकार ने देश के तमाम खेल संघों से मिल कर एक नीति बनाने का फ़ैसला किया था.
सरकारी बयान में कहा गया है कि अधिकतर खेल संघ इस बात पर राज़ी थे कि भारत का प्रतिनिधित्व सिर्फ़ भारतीय नागरिकता प्राप्त खिलाड़ियों को ही करनी चाहिए.
कुछ संघो ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी और कहा था कि सरकार जो फ़ैसला करेगी उसे मंज़ूर होगा.
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