मल्लेश्वरी ने आईडब्ल्यूएफ सचिव को बर्खास्त करने की मांग की
मल्लेश्वरी के मुताबिक चूंकि यादव ने महिला खिलाड़ियों का यौन शोषण करने वाले निलंबित कोच रमेश मल्होत्रा को लेकर उनकी चेतावनी पर समय रहते कोई कदम नहीं उठाया, लिहाजा उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं।
आईडब्ल्यूएफ की उपाध्यक्ष मल्लेश्वरी ने कहा कि यादव ने मल्होत्रा से जुड़ी उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में यादव को तमाम घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
मल्लेश्वरी की शिकायत पर आईडब्ल्यूएफ ने मल्होत्रा को निलंबित कर दिया है। मल्लेश्वरी ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के कोच मल्होत्रा पर आरोप लगाया था कि वह दशकों से महिला भारोत्तोलकों का शारीरिक शोषण करते आ रहे हैं और उन्होंने पटियाला में राष्ट्रीय शिविर के दौरान जूनियर खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया था।
मल्लेश्वरी ने कहा, "यौन शोषण के आरोपों के बाद किसी कोच को निलंबित कर देना न्यायोचित फैसला नहीं है। इस संबंध में यादव को भी बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया है। अगर यादव को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तो मल्होत्रा जैसे लोग फिर से कोच बनकर खिलाड़ियों के साथ र्दुव्यवहार करते रहेंगे।"
मल्लेश्वरी ने कहा कि उन्होंने पहली बार उदयपुर में फरवरी में आयोजित आईडब्ल्यूएफ की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मल्होत्रा के बारे में यादव के सामने शिकायत की थी।
बकौल मल्लेश्वरी, "मुझसे कहा गया था कि मैं निश्चिंत रहूं क्योंकि मल्होत्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मल्होत्रा के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह यादव ने उनका नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए आगे किया।"
मल्लेश्वरी ने कहा कि मल्होत्रा बीते एक दशक से खिलाड़ियों का शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि मैंने जो खुलासा किया है, उसकी जानकारी साई को नहीं है। साई के खिलाड़ी, अधिकारी, कोच और यहां तक की शीर्ष अधिकारी भी इसके बारे में जानते हैं। साई के सामने कई बार मल्होत्रा के खिलाफ लिखित तौर पर शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुआ। आखिर साई ने मल्होत्रा को हर बार माफ क्यों कर दिया?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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