आईपीएल विवाद : बोर्ड बैकफुट पर, मोदी मजबूत
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव एन. श्रीनिवासन और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी के बीच जारी 'ईमेल के खेल' का अंत होता दिख रहा है। इस खेल में मोदी जीतते और श्रीनिवासन बैकफुट पर जाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा है कि मोदी को उन्हीं आरोपों का जवाब देना है 'जिन्हें लेकर बोर्ड ने उन्हें प्रमाण और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं'।
श्रीनिवासन के मुताबिक मोदी को उन आरोपों के बारे में जवाब दाखिल करने की जरूरत नहीं, जिनका उल्लेख उन्हें भेजे गए प्रमाणों और दस्तावेजों में नहीं है। श्रीनिवासन के इस ईमेल का जवाब देते हुए मोदी ने उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि जिन आरोपों के दस्तावेज उन्हें मुहैया नहीं कराए गए हैं, उनसे उन्हें दूर रखने के लिए वह बोर्ड का धन्यवाद कहते हैं।
मोदी ने अपने ईमेल में लिखा है, "आपने जो दस्तावेज मुझे भेजे हैं, उनके लिए आपका धन्यवाद। मैं आपके द्वारा भेजे गए दस्तावेजों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहा हूं। इस ओर ध्यान दिलाने के लिए मैं आपका आभारी हूं।"
श्रीनिवासन ने मोदी को भेजे गए अपने आखिरी ईमेल में लिखा है कि मोदी के खिलाफ जो आरोप तय किए गए हैं, उनकी सुनवाई उन्हें उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर ही होगी।
श्रीनिवासन ने लिखा है कि अगर मोदी के जवाब असंतोषजनक पाए जाते हैं और 'अगर अनुशासनात्मक समिति जरूरी समझती है और इस लिहाज से किसी अन्य दस्तावेज या फिर प्रमाण को मामले की तफ्शीश में शामिल करना चाहती है तो उसके साक्ष्य भी आपको उपलब्ध कराए जाएंगे।'
श्रीनिवासन ने हालांकि मोदी द्वारा बुधवार को भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया और एक बार फिर वही बात दोहराई, जो उन्हें मंगलवार को भेजे गए अपने ईमेल में कही थी। श्रीनिवासन के मुताबिक मोदी पर बोर्ड के संविधान के अनुसार आरोप लगाए गए हैं और इस काम के लिए अध्यक्ष को पूरी स्वतंत्रता है।
मोदी ने तीन मई को किए गए ईमेल के जरिए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से संबंधित दस्तावेजी सबूत मांगे थे। मोदी का कहना था कि इन्हीं दस्तावेजों के माध्यम से वह अपना जवाब मजबूती से बोर्ड के सामने रखेंगे लेकिन श्रीनिवासन ने कहा था कि मोदी पर लगाए गए कई आरोप मौखिक हैं जबकि कुछ गोपनीय हैं। ऐसी स्थिति में वह सबूतों से जुड़े दस्तावेज मुहैया करने संबंधी उनकी मांग पूरी नहीं कर सकते।
श्रीनिवासन ने कहा था कि वह मोदी को निम्बस और बीसीसीआई के बीच हुए करार से जुड़े कागजातों की प्रति, दो पत्र और आईपीएल फ्रेंचाइजी टीमों की हिस्सेदारी के करार से जुड़े कागजात सौंप सकते हैं। इसकी मदद से मोदी खुद पर लगे इंटरनेट और टेलीविजन प्रसारण अधिकारों से जुड़े आरोपों का जवाब तैयार कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मोदी पर 26 अप्रैल को हुई गवर्निग काउंसिल की बैठक के दौरान कई आरोप लगाए गए थे। इसके लिए उन्हें 10 मई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया था लेकिन मोदी ने सोमवार को बीसीसीआई से पांच दिनों की मोहलत मांगी थी। बीसीसीआई ने उन्हें 15 मई तक का समय दे दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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