कोलंबो, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत के खिलाफ पहले दो मुकाबले हारने के बाद श्रीलंका की टीम मंगलवार को प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जाने वाले दिन/रात के तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में 'करो या मरो' लक्ष्य के साथ उतरेगी।
पांच मैचों की श्रृंखला में श्रीलंकाई टीम भले ही 0-2 से पिछड़ रही है लेकिन उसके पास वापसी करने का माद्दा है। मेजबान टीम में युवाओं और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। उसकी बल्लेबाजी भी अच्छी है। दिग्गज सलामी बल्लेबाज सनत जयसूर्या से लेकर हरफनमौला फरवेज महरूफ तक, सभी बल्लेबाज टीम को जीत दिलाने के काबिल हैं।
इसके अलावा, असंथा मेंडिस और मुथैया मुरलीधरन जैसे दो विश्वस्तरीय स्पिनरों के रहते श्रीलंका का गेंदबाजी आक्रमण भी किसी मायने में भारत से कम नहीं। यह अलग बात है कि अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने के बावजूद माहेला जयवर्धने पहले दो मैचों में भारतीय टीम का विजय अभियान नहीं रोक पाए।
दूसरी ओर, भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए स्थिति बेहद सुखद है। टॉस से लेकर गेंदबाजी और बल्लेबाजी से लेकर क्षेत्ररक्षण तक, उनके सभी दांव निशाने पर पड़ रहे हैं।
धोनी ने इसके बावजूद अपने साथियों को क्षेत्ररक्षण सुधारने की सलाह दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि लगातार जीत से किसी को बेहद उत्साहित होने की जरूरत नहीं और साथ ही साथ विकेट के बीच दौड़ भी सही करनी होगी।
जाहिर तौर पर दो मैच गंवा चुके होने के कारण दबाव श्रीलंकाई टीम पर होगा। श्रीलंकाई टीम को बिल्कुल वैसा ही खेल दिखाना होगा, जैसा उसने पिछले महीने पाकिस्तान के खिलाफ दिखाया था। पाकिस्तान में पहला एकदिवसीय मुकाबला गंवाने के बावजूद श्रीलंकाई टीम ने तीन मैचों की श्रृंखला जीत ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।