चेन्नई, 10 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन 450,000 डॉलर इनामी एटीपी चेन्नई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गए हैं।
रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में उनका सामना क्रोएशिया के माट्रिन सिलिक से होगा, जिन्होंने शनिवार को खेले गए सेमीफाइनल मैच में स्पेन के मार्सेल ग्रानोलर्स को 6-4, 6-3 से पराजित किया।
सोमदेव को फाइनल में पहुंचने के लिए हालांकि कोर्ट में उतरने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी जर्मनी के रेनर शटलर कलाई की चोट के कारण मुकाबला शुरू होने से पहले ही प्रतियोगिता के हट गए।
इस तरह सोमदेव चेन्नई ओपन के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। इससे पहले लिएंडर पेस 1998 में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।
मैच से हटने के अपने फैसले के बारे में शटलर ने कहा, "शुक्रवार को खेले गए युगल मुकाबले के दौरान मैंने अपनी कलाई में दर्द महसूस किया था। सेमीफाइनल मुकाबले की मैंने तैयारी की थी लेकिन मैं डबल हैंडेड बैकहैंड शॉट ठीक से नहीं लगा पा रहा था। मैच से ठीक पहले मेरी कलाई का दर्द असह्य स्थिति तक पहुंच गया, लिहाजा मैंने नहीं खेलने का फैसला किया।"
विश्व वरीयता क्रम में 202वें नंबर के खिलाड़ी सोमदेव शुक्रवार को क्रोएशिया के इवो कार्लोविक को 7-6, 6-4 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे थे। 23 वर्षीय सोमदेव ने चमत्कारिक प्रदर्शन करते हुए विश्व के 25वें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी कार्लोविक को एक घंटे 26 मिनट तक चले मुकाबले में धूल चटाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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