पांच दिवसीय मुकाबले में पश्चिम क्षेत्र ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पश्चिम के कप्तान वसीम जाफर का यह फैसला उस समय गलत साबित होता नजर आया, जब सलामी बल्लेबाज पार्थिव पटेल 27 रन बनाकर 55 रन के कुल योग पर आउट हो गए।
इसके बाद खुद कप्तान जाफर (69) ने रेहाने के साथ दूसरे विकेट के लिए 77 रन जोड़कर अपनी टीम को मजबूती देने की कोशिश की, लेकिन 132 के कुल योग पर जाफर भी पेवेलियन लौट गए। जाफर ने अपनी 112 गेंदों की पारी में आठ चौके और एक छक्का जड़ा।
कुल योग में अभी 29 रन ही जड़े थे कि चितेश्वर पुजारा (14) भी पेवेलियन लौट गए। उस समय कुल योग 163 रन था, हालांकि इसके बाद रेहाने और बी.डी. ठक्कर (73) ने चौथे विकेट के लिए 134 रनों की साझेदारी निभाकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
ठक्कर का विकेट 297 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद ए.एम. नायर (0) 303 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौट गए। दिन का खेल खत्म होने तक रेहाने ने 218 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके और एक छक्का लगाया था जबकि एस.के. त्रिवेदी बिना खाता खोले उनके साथ नाबाद लौटे।
दक्षिण क्षेत्र की ओर से शांताकुमारन श्रीसंत और आर. अश्विन ने दो-दो विकेट चटकाए हैं जबकि ए.बी. जकाती ने एक विकेट लिया है।
पश्चिम क्षेत्र ने इस खिताब पर 13 बार कब्जा किया है, हालांकि 2005-06 के बाद उसे सफलता नहीं मिली है। दूसरी ओर, दक्षिण क्षेत्र ने 12 बार यह खिताब जीता है। उसने आखिरी बार 1995-96 सत्र में इस ट्रॉफी पर कब्जा किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।