इस बीच, मैच फिक्सिंग मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इस मामले के आरोपी पाकिस्तानी टेस्ट टीम के कप्तान सलमान बट्ट और विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल से वेस्टइंडीज में 2007 में आयोजित ट्वेंटी-20 विश्व कप के दौरान मोबाइल फोन के जरिए किए गए संपर्को का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' ने खबर दी है कि ऐसे में जबकि आसिफ के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग को लेकर जांच जारी है, वह बीते दिनों राजनीतिक शरण के सिलसिले में एक वकील से मिले। वकील और आसिफ के बीच 35 मिनट तक बातचीत हुई।
पत्र लिखता है कि आसिफ को इस बात का डर है कि मैच फिक्सिंग के आरोपों में घिरने के कारण स्वदेश में उन पर सट्टेबाजी जगत के खतरनाक अपराधी गिरोह हमला कर सकते हैं। आसिफ ने वकील के साथ इस संभावना पर विचार किया कि 'क्या उनका ब्रिटेन में रूके रहना संभव है। इसके बाद वह उच्चायोग की मदद से राजनीतिक शरण की बात करेंगे।'
पत्र ने वकील के नाम का खुलासा नहीं किया है। वकील ने कहा कि आसिफ ने उनसे साफ शब्दों में कहा कि उन्हें स्वदेश में खुद पर जानलेवा हमले की आशंका है। वकील ने हालांकि यह कहने से इंकार किया है कि आसिफ को राजनीतिक शरण मिल सकती है या नहीं।
बकौल वकील, "मैंने उन्हें बताया कि राजनीतिक शरण को लेकर मैं आश्वस्त नहीं हूं लेकिन छात्र बनकर आसिफ अगले कुछ वर्षो तक ब्रिटेन में रुक सकते हैं। साथ ही काम संबंधी वीजा पर भी ब्रिटेन में रुका जा सकता है। हमारे बीच फिलहाल राजनीतिक शरण को लेकर कोई स्पष्ट बातचीत नहीं हुई।"
आव्रजन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आसिफ यह साबित करने में सफल रहे कि पाकिस्तान में उनकी जान को खतरा है और पाकिस्तान सरकार उनकी रक्षा करने में रूचि नहीं दिखा रही तो उन्हें राजनीतिक शरण मिल सकता है।
वैसे पाकिस्तानियों को अब ब्रिटेन में राजनीतिक शरण मिलना मुश्किल हो गया है। वर्ष 2009 में सिर्फ 65 लोगों को इस तरह की शरण मिली। एक अन्य आव्रजन वकील ने कहा कि आसिफ यह साबित कर दें कि स्वदेश लौटने के बाद उन्हें सट्टेबाजी गिरोहों से गंभीर खतरा है तो फिर वह शरणार्थी का दर्जा हासिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आसिफ के अलावा बट्ट और युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमेर के खिलाफ मैच फिक्सिंग विवाद को लेकर जांच जारी है। तीनों खिलाड़ियों को दोषी करार दिए जाने के बाद गंभीर सजा हो सकती है। बहुत संभव है कि तीनों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाए।
उधर, ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी एवं सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने बट्ट और अकमल से ट्वेंटी-20 विश्व कप के दौरान मोबाइल फोन के जरिए किए गए संपर्को को उसके पास भेजने को लेकर जल्द कार्रवाई करने को कहा है।
आईसीसी ने एक पत्र के माध्यम से दोनों खिलाड़ियों से इस ब्योरे की मांग की है। यह मांग पिछले महीने ओवल में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के दौरान की गई थी। इस मैच से एक सप्ताह बाद ही ताजातरीन मैच फिक्सिंग की घटना प्रकाश में आई थी। 21 अगस्त को आईसीसी ने इस संबंध में पत्र लिखा था लेकिन ओवल में पाकिस्तानी टीम की जीत के आगे उसकी यह मांग धरी रह गई थी।
उसी पत्र में एसीएसयू ने दोनों खिलाड़ियों से जून में श्रीलंका में खेले गए एशिया कप के दौरान भी किए गए फोन कॉल का ब्योरा मांगा है। पत्र ने लिखा है कि आईसीसी ने अकमल से कहा है कि वह इंग्लैंड में खेली जा रही नेटवेस्ट श्रृंखला के लिए पाकिस्तानी टीम में शामिल रह सकते हैं लेकिन उनके खिलाफ जांच चल रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।