बीसीसीआई ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा, "अनुशासनात्मक समिति के कुछ सदस्यों को हटाने संबंधी मोदी की अपील खारिज कर दी गई है।" मोदी ने अपनी अपील में कहा था कि आईपीएल के अंतरिम अध्यक्ष अमीन, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष जेटली और मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के अध्यक्ष ज्योतिर्रादित्य सिंधिया को उनके खिलाफ वित्तीय घोटाले के मामले की जांच करने वाली समिति से हटाया जाए।
बयान में कहा गया है, "मोदी से जुड़े मामले की अगली सुनवाई बुधवार 18 अगस्त शाम साढ़े सात बजे होटल ताज में होगी।" मोदी के वकील मोहम्मद आबिदी ने बीसीसीआई के इस फैसले को अनुचित करार दिया है। उन्हांने कहा, "यह अनुचित और सबको न्याय देने के सिद्धांत के खिलाफ लिया गया फैसला है। हम इस संबंध में आगे की कार्रवाई जारी रखेंगे।"
आबिदी ने कहा, "मोदी ने कुछ जरूरी कारणों से समिति में बदलाव की मांग की थी। हम अमीन का सम्मान करते हैं। वह चूंकि अंतरिम अध्यक्ष हैं, लिहाजा समिति में उनका रहना व्यक्तिगत हित की बात हो सकती है। जेटली और सिंधिया बीसीसीआई की कार्यसमिति के आदेश पर समिति के सदस्य हैं। ये लोग बीसीसीआई की नीति निर्धारक समिति में भी शामिल रहे हैं, लिहाजा इनका अनुशासनात्मक समिति का हिस्सा होना उचित नहीं है।"
अनुशासनात्मक समिति ने अब तक मोदी मामले पर तीन बैठक की है लेकिन मोदी एक भी बैठक में शामिल नहीं हुए हैं। हर बार उनके वकील ने सुनवाई में उनका प्रतिनिधित्व किया है। मोदी पर आईपीएल कमिश्नर रहते हुए कई व्यक्तिगत फैसले लेने और वित्तीय अनियमितता में शामिल होने का आरोप है। इसे लेकर उन्हें आईपीएल के तीसरे संस्करण के तुरंत बाद निलंबित कर दिया था।
मोदी इस संबंध में बीसीसीआई के फैसले को चुनौती दे चुके हैं। बीसीसीआई ने उन पर कई आरोप तय किए हैं और इसके लिए उन्हें अपना जवाब देने को कहा था लेकिन जवाब देने के बावजूद मोदी को अनुशासनात्मक समिति का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बीसीसीआई ने उनके जवाबों को असंतोषजनक करार दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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