कोलंबो टेस्ट : सहवाग ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया (लीड-8)
खराब रोशनी के कारण दिन का खेल दो ओवर पहले ही समाप्त किए जाने तक भारतीय टीम ने श्रीलंका की पहली पारी के स्कोर 425 रनों के जवाब में अपनी पहली पारी में दो विकेट खोकर 180 रन बना लिए। वह श्रीलंकाई योग से अभी भी 245 रन पीछे है।
सहवाग अपने करियर के 21वें शतक की ओर बढ़ चले हैं जबकि तेंदुलकर एक और बड़ी पारी खेलने की तैयारी में नजर आ रहे हैं। सहवाग ने अपनी 87 गेंदों की पारी के दौरान 17 चौके लगाए हैं जबकि तेंदुलकर ने 66 गेंदों पर पांच चौके जड़े हैं।
सहवाग ने 70 रनों का व्यक्तिगत योग पार करते ही टेस्ट मैचों में 7000 रनों का आंकड़ा छू लिया। इस दौरान उन्होंने 20 शतक और 23 अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च योग 319 रन रहा है। सहवाग भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।
उनके नाम दो तिहरे शतक दर्ज हैं। उन्होंने पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तिहरे शतक लगाए हैं। 'नजफगढ़ के तेंदुलकर' नाम से मशहूर सहवाग 7000 या उससे अधिक टेस्ट रन बनाने वाले छठे भारतीय हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर, वी.वी.एस. लक्ष्मण और सौरव गांगुली ने इस आंकड़े को छुआ है।
पहली पारी में भारत ने मुरली विजय (14) और राहुल द्रविड़ (23) के विकेट गंवाए हैं। द्रविड़ के रूप में भारत ने अपना दूसरा विकेट गंवाया। चोटिल गौतम गंभीर के स्थान पर पारी की शुरुआत का मौका पाने वाले मुरली लसिंथ मलिंगा की गेंद पर असंथा मेडिस के हाथों लपके गए। मुरली का विकेट 49 रन के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद विकेट पर आए द्रविड़ से बड़ी पारी की उम्मीद थी लेकिन एंजेलो मैथ्यूज ने उन्हें 23 रन के व्यक्तिगत योग पर पगबाधा आउट कर दिया। द्रविड़ ने 26 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके लगाए। भारत का यह विकेट 92 रन के कुल योग पर गिरा। दूसरे छोर पर टिकी वीरेंद्र सहवाग ने इसी बीच अपना 23वां अर्धशतक पूरा किया।
इससे पहले, प्रज्ञान ओझा (115/4) और ईशांत शर्मा (72/3) की उम्दा गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम ने श्रीलंका की पारी 425 रनों पर समेट दी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही मेजबान टीम के लिए मध्यक्रम के बल्लेबाज थिलन समरवीरा ने सर्वाधिक 137 रन बनाए।
समरवीरा ने अपनी नाबाद पारी के दौरान 288 गेंदों का सामना करते हुए 12 चौके और एक छक्का लगाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक मेजबान टीम ने चार विकेट खोकर 293 रन बनाए थे।
दूसरे दिन उसने भोजनकाल से पहले एंजेलो मैथ्यूज (45) और प्रसन्ना जयवर्धने (9) तथा भोजनकाल के बाद सूरज रांडीव (8), लसित मलिंगा (4), असंथा मेडिस (3) और चमारा वेलेगेदारा (4) के विकेट गंवाए।
मैथ्यूज पहले दिन 26 रन पर नाबाद लौटे थे जबकि समरवीरा ने 65 रन बनाए थे। समरवीरा और मैथ्यूज ने पांचवें विकेट के लिए 89 रनों की उपयोगी साझेदारी निभाई। समरवीरा ने 229 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से अपना शतक पूरा किया।
यह उनके करियर का 12वां टेस्ट शतक है। दूसरे दिन भारत को स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा और ईशांत ने दो-दो सफलता दिलाई जबकि वीरेंद्र सहवाग और अमित मिश्रा को एक-एक सफलता मिली।
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच के उबाऊ समापन के बाद श्रृंखला में 2-0 की बढ़त हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरी मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी।
मेजबान टीम ने मात्र 15 रन पर थरंगा पारानाविताना के रूप में अपना पहला विकेट गंवा दिया था लेकिन उसके बाद सभी बल्लेबाजों ने उपयोगी योगदान देते हुए अपनी टीम को संतोषजनक स्थिति में पहुंचा दिया था।
टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाने में समरवीरा और मैथ्यूज के अलावा सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान (41), कप्तान कुमार संगकारा (75) और पूर्व कप्तान माहेला जयवर्धने (56) ने महत्वपूर्ण योगदान निभाया।
तीन मैचों की श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। उसने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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