जिंबाब्वे ने 100 रनों का आंकड़ा छूने के लिए अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों सहित तीन विकेट गंवा दिए हैं। पूरी श्रृंखला में कई उपयोगी पारियां खेलने वाले हेमिल्टन मासाकाद्जा मात्र चार रन बनाकर 11 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे जबकि शानदार फार्म में चल रहे ब्रेंडन टेलर मात्र 19 रन बना सके।
टेलर का विकेट दिलहारा फर्नाडो ने लिया। टेलर 29 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। मासाकाद्जा को नुवान कुलसेकरा ने सूरज चांडीमल के हाथों कैच कराया। क्रेग इरविन भी ज्यादा देर विकेट पर नहीं टिक सके और नौ रन बनाकर आउट हुए।
जिंबाब्वे की टीम ने 30 ओवरों की समाप्ति तक तीन विकेट पर 107 रन बना लिए हैं। तातेंदा ताइबू 73 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 51 रन बनाकर खेल रहे हैं जबकि ग्रेग लैम्प ने 38 गेंदों पर 18 रन बनाए हैं।
मेजबान टीम ने टेलर की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत इस श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया है। उसने चार में से तीन लीग मैच जीते हैं जबकि उसे सिर्फ एक में हार का सामना करना पड़ा। उसने दो मुकाबलों में भारत को और सोमवार को एक बार श्रीलंका को पराजित किया।
श्रीलंका की टीम का प्रदर्शन यहां औसत रहा है। तिलकरत्ने दिलशान की कप्तानी में खेल रही युवा श्रीलंकाई टीम ने यहां दो मैच जीते हैं जबकि दो में उसकी हार हुई है। उसने एक-एक मौके पर भारत और जिंबाब्वे को हराया जबकि इन दोनों टीमों के खिलाफ एक-एक मैचों में उसकी हार हुई है।
इस श्रृंखला की तीसरी टीम भारत थी, जो अपने तीन लीग मैच गंवाकर पहले ही बाहर हो चुकी है। भारतीय टीम सुरेश रैना जैसे युवा खिलाड़ी की कप्तानी में यहां पहुंची थी लेकिन उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।