पोलोक्वे । फीफा विश्व कप-2010 में गुरुवार को पूर्व विश्व चैम्पियन फ्रांस को मुंह की खानी पड़ी। मेक्सिको ने उसे 2-0 से पटकनी दी। इस हार के साथ ही फ्रांस के लिए अगले दौर में पहुंचने के दरवाजे अब लगभग बंद हो गए हैं। समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार खेल के 64वें मिनट में मैनचेस्टर युनाइटेड की ओर से खेलने वाले स्ट्राइकर जेवियर हर्नाडेज ने पहला गोल किया। खेल के पहले हाफ में भी इस खिलाड़ी ने कई मौके बनाए लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। दूसरे हाफ में उनकी कोशिश रंग लाई और उन्होंने फ्रांस को बैकफुट पर धकेल दिया।
स्थानीय पीटर मोकाबा स्टेडियम में खेल का 79वां मिनट भी फ्रांस के लिए दुखदायी रहा। टीम में एकजुटता का अभाव इस कदर दिखा कि वे गलतियां कर बैठे और मेक्सिको को पेनेल्टी मिला। इस मौके को काउथेमोक ब्लैंको ने जाया नहीं होने दिया और खूबसूरत अंदाज में गोल किया। इस गोल के साथ ही मेक्सिको के प्रशंसको में खुशी की लहर दौड़ गई। इस हार से फ्रांस के कोच रेमंड डोमेनेच की रणनीति पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। उरुग्वे के साथ पहला मुकाबला ड्रा खेलने पर भी उन पर अंगुलियां उठी थीं। उस समय महान फुटबालर जिनेदिन जिदान ने भी टीम के प्रदर्शन पर निराशा जाहिर की थी।
वैसे वर्ष 1998 का विश्व कप जीतने वाली फ्रांस की टीम को अब कोई चमत्कार ही अगले दौर में पहुंचा सकता है क्योंकि उसकी मौजूदा लय से ऐसा होता नहीं दिख रहा। अगर उरुग्वे और मेक्सिको का मैच ड्रॉ भी हो जाता है तो फ्रांस की टीम को बैरंग स्वदेश लौटना पड़ेगा।