मोहाली टेस्ट : मौके को नहीं भुना सके भारतीय बल्लेबाज (राउंडअप)
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर और राहुल द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 314 रन जोड़कर अपनी टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का जो मौका उपलब्ध कराया था, उसे बाकी के बल्लेबाज भुना नहीं सके। नतीजा हुआ कि पहले सत्र में एक भी विकेट नहीं गंवाने वाली भारतीय टीम दिन की समाप्ति तक पेवेलियन लौट गई।
पहले दिन शुक्रवार को सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (0) का विकेट खोकर 179 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने दूसरे दिन के पहले सत्र में एक भी विकेट नहीं गंवाया था लेकिन दूसरे और तीसरे सत्र में उसने अपने नौ विकेट गंवा दिए। लगातार विकेट गिरते रहने के कारण भारत की रन बनाने की गति काफी धीमी हो गई और पारी समाप्त होने तक वह 158.2 ओवरों तक की गई बल्लेबाजी में 2.86 रन प्रति ओवर की गति से रन बटोर सकी।
बहरहाल, अपने करियर का चौथा शतक लगाने वाले गंभीर (179) ने सर्वाधिक योगदान दिया, जबकि खराब फार्म में चल रहे द्रविड़ ने तमाम मुश्किलों से उबरकर 136 रन बनाए। द्रविड़ ने अपने करियर का 26वां टेस्ट शतक जड़ा।
गंभीर ने अपनी 348 गेंदों की पारी में 25 चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट स्पिनर ग्रीम स्वान ने लिया। स्लिप में एलिस्टर कुक ने गंभीर का कैच लपका। उस समय भारत का कुल योग 320 रन था।
इसी के साथ गंभीर ने वर्ष 2008 में 1000 रन बनाने में सफलता हासिल कर ली। यह पहला मौका है जब गंभीर ने कैलेंडर वर्ष में यह मुकाम हासिल किया है। गंभीर ने 2008 में खेले गए आठ मैचों में 69.13 के औसत से अब तक 1037 रन बनाए हैं। इसके अलावा उन्होंने 27 एकदिवसीय मैचों में 1119 रन बनाए हैं।
वर्ष 2008 में टेस्ट तथा एकदिवसीय मैचों में 1000 या उससे अधिक रन बनाने वाले गंभीर तीसरे भारतीय हैं। इससे पहले सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली ऐसा कर चुके हैं।
जहां तक टेस्ट मैचों का सवाल है तो इस वर्ष भारत के चार बल्लेबाजों ने 1000 या उससे अधिक रन बनाए हैं। इनमें सहवाग सबसे ऊपर हैं। सहवाग ने इस वर्ष 1445 रन बनाए हैं।
द्रविड़ का भी विकेट स्वान के खाते में गया। द्रविड़ ने अपनी पारी में 328 गेंदों का सामना करते हुए 19 चौके लगाए। गंभीर और द्रविड़ ने दूसरे विकेट के लिए 314 रनों की साझेदारी निभाई।
भारतीय टीम को दूसरे सत्र में चार और तीसरे सत्र में पांच झटके लगे। चायकाल तक नाबाद रहने वाले युवराज सिंह (27) और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (29) रन बनाकर पेवेलियन लौटे।
इसके बाद, तेंदुलकर ने वी.वी.एस. लक्ष्मण के साथ पारी को आगे बढ़ाना शुरू किया लेकिन स्वान ने 337 के कुल योग पर तेंदुलकर को चलता कर दिया। चेन्नई टेस्ट मैच में नाबाद 103 रन बनाकर भारत को जीत दिलाने वाले तेंदुलकर ने 26 गेंदों पर एक चौके की मदद से 11 रन बनाए।
दूसरी ओर, लक्ष्मण ने अपना खाता खोलने का भरपूर प्रयास किया 24 गेंदें खेलने के बाद भी वे नाकाम रहे। उन्हें 339 के कुल योग पर हरफनमौला एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने पगबाधा आउट किया।
हरभजन सिंह ने 24 रनों का योगदान दिया जबकि अमित मिश्रा ने 23 रन बनाए। जहीर खान सात रन ही बना सके। ईशांत शर्मा एक रन बनाकर नाबाद लौटे।
इंग्लैंड की ओर से फ्लिंटॉफ और स्वान ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि मोंटी पनेसर को दो विकेट मिले। जेम्स एंडरसन और स्टुअट ब्रॉड के खाते में एक-एक विकेट गए।
इससे पहले, मैच के पहले दिन शुक्रवार को खराब रोशनी के कारण लगभग एक घंटे का खेल नहीं हो सका था। समय की भरपाई के लिए शनिवार को खेल निर्धारित समय से आधे घंटे पहले शुरू किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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