महिला हॉकी विश्व कप : भारत का पहला मैच हॉलैंड से
पूल-ए में भारत और हॉलैंड के अलावा आस्ट्रेलिया, जर्मनी, जापान और न्यूजीलैंड की टीमें हैं जबकि पूल-बी में मेजबान अर्जेटीना, चीन, इंग्लैंड, कोरिया, स्पेन और दक्षिण कोरिया को रखा गया है।
महिला हॉकी विश्व कप के पहले संस्करण का आयोजन 1974 में फ्रांस में किया गया था। हॉलैंड ने खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर पहला चैम्पियन होने का गौरव हासिल किया था।
हॉलैंड की टीम ने आगे चलकर 1986 में अपने घर में विश्व कप खिताब जीता था। इसके अलावा जर्मनी ने 1976 में अपने घर में खिताबी जीत हासिल की थी।
हॉलैंड और जर्मनी के अलावा अर्जेटीना ही ऐसी टीम है, जिसने अब तक विश्व कप के सभी संस्करणों में हिस्सा लिया है। महिला विश्व कप में हॉलैंड का वर्चस्व रहा है। इसने अब तक कुल छह बार यह खिताब जीता है। यह एक रिकार्ड है।
यह विश्व कप जर्मनी की नताशा केलर, चीन की फू बूरोंग, हॉलैंड की मिंके स्मीट्स स्माबर्स और अर्जेटीना की लूसियाना अयमार के लिए बेहद खास है क्योंकि ये चारों चौथी बार विश्व कप में हिस्सा ले रही हैं।
इस विश्व कप के लिए भारतीय टीम की कमान सुरिंदर कौर के हाथों में दी गई है। भारतीय टीम के कोच संदीप सोमेश हैं जबकि सहायक कोच के तौर पर संदीप कौर टीम के साथ हैं।
विश्व की 13वीं वरीयता प्राप्त भारतीय टीम के लिए पहला मैच ही बहुत कठिन है क्योंकि उसका सामना विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त हॉलैंड की टीम के साथ होना है।
भारतीय टीम इस प्रकार है : दीपिका मूर्ति (गोलकीपर), बिनीता टोप्पो, असुंता लाकरा, किरणदीप कौर, चानचान थाकचोम, सुरिंदर कौर, पूनम रानी, रजनी इतिमारपू, रितु रानी, मोनिका बदरान, दीपिका ठाकुर, जसजीत कौर हांडा, मुक्ता प्रावा बारला, येंदेला सौंदर्या, सबा अंजुम, जयदीप साग्गू, रानी रामपाल और सुभद्रा प्रधान।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications