इस बीच, यार्कशायर से खबर है कि मैच फिक्सिंग के भूत के भय से प्रशंसक इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जाने वाली आगामी एकदिवसीय श्रृंखला से अपना मुंह मोड़ रहे हैं। प्रशंसकों ने टिकट के बदले खर्च किए गए पैसे के भुगतान की मांग की है।
उधर, आस्ट्रेलिया के एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक पिछले साल इंग्लैंड दौरे के समय शेन वाटसन और ब्रैड हेडिन से संपर्क साधने वाले भारतीय सट्टेबाजों ने आस्ट्रेलियाई टीम के दो तेज गेंदबाजों ब्रेट ली औ मिशेल जानसन से भी फिक्सिंग के सिलसिले में मुलाकात थी। इसके तत्काल बाद ही इन दोनों ने टीम प्रबंधन को इस बारे में अवगत करा दिया था।
माजिद को ब्रिटेन के 'एचएम रेवेन्यू एंड कस्टम विभाग' ने धन के अवैध लेन-देन से जुड़े एक अलग मामले में जारी जांच के अंतर्गत गिरफ्तार किया था। उसे उसी दिन रिहा कर दिया गया था। ब्रिटेन के समाचार पत्र 'द सन' के मुताबिक माजिद को दक्षिणी लंदन के क्रोएडोन इलाके में स्थित उसके लाखों पाउंड कीमत के मकान से गिरफ्तार किया गया।
कस्टम अधिकारी पहले ही माजिद के घर पर उसका इंतजार कर रहे थे। उसके साथ-साथ उसकी 35 वर्षीया पत्नी शेलिजा मांजी और उसके एक 49 वर्षीय सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया था।
कस्टम विभाग ने साफ किया है कि माजिद को मैच फिक्सिंग विवाद से इतर एक अन्य मामले में जारी जांच के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया था। विभाग के मुताबिक माजिद ने दो वर्ष पहले क्रोएडोन एथलेटिक फुटबाल क्लब में हिस्सेदारी खरीदी थी और तब से लेकर आज तक उसने इस क्लब में काफी पैसा लगाया है।
साथ ही वह एक फर्म का मालिक है, जिसका नाम ब्लूस्काई डेवलपमेंट्स है। विभाग ने कहा है कि मैच फिक्सिंग विवाद के सामने आने से पहले से ही उसकी नजर माजिद पर थी।
माजिद को एक समाचार पत्र के संवाददाता से 150,000 डॉलर लेकर लॉर्ड्स में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में स्पॉट फिक्सिंग करने के लिए शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उसे शनिवार को ही जमानत मिल गई थी।
माजिद ने समाचार पत्र से दावा किया था कि कप्तान सलमान बट्ट सहित कई खिलाड़ी उसकी मुट्ठी में हैं और वह पैसे के दम पर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लॉर्ड्स टेस्ट मैच में नो-बॉल फेंकने के लिए तैयार कर सकता है। माजिद का दावा ठीक निकला और उसके बताए गए क्षण में ही पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर ने नो-बॉल फेंकी थी।
इस मामले में स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने माजिद को गिरफ्तार किया था। हालांकि उसे एक दिन बाद ही जमानत मिल गई थी लेकिन स्कॉटलैंड यार्ड की जांच अभी भी जारी है। माजिद के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं लेकिन उसे पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है।
इधर, फिक्सिंग की घटना से नाराज क्रिकेट प्रशंसकों ने आने वाले मैचों के लिए खरीदे गए टिकटों के बदले खर्च किए गए पैसों को वापस करने की मांग की है। पाकिस्तान के चार खिलाड़ियों के नाम मैच फिक्सिंग से जुड़ने के कारण इस श्रृंखला के तमाम मैचों से जुड़े प्रायोजकों ने भी आने वाले दिनों में क्रिकेट में पैसा लगाने को लेकर शंका जाहिर की है।
समाचार पत्र 'द गार्जियन' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक यार्कशायर क्रिकेट क्लब ने कहा है कि बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने 12 सितंबर को हेडिंग्ले में खेले जाने वाले इंग्लैंड-पाकिस्तान एकदिवसीय मुकाबले के टिकटों के बदले पैसे वापस मांगे हैं। क्लब ने इसे लेकर इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के सामने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
आस्ट्रेलियाई समाचार पत्र समाचार पत्र 'सिडनी मॉर्निग हेराल्ड' के मुताबिक मुंबई के रहने वाले सटोरियों ने लंदन में उस समय संपर्क किया था जब आस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी। दोनों खिलाड़ियों ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। ऐसे में फिक्सिंग की किसी भी तरह की आशंका नहीं दिखती।
अखबार की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "लॉर्ड्स टेस्ट के बाद सटोरियों ने मध्य लंदन के होटल रॉयल केनसिंग्टन गार्डन में ली और जानसन से संपर्क किया था। इन दोनों ने तत्काल अपनी टीम के प्रबंधक स्टीव बर्नार्ड और अन्य संबंधित अधिकारियों से इसकी जानकारी दी थी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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