इससे पहले, वर्ष 1999 में लिएंडर पेस ने शीर्ष-100 में जगह बनाई थी लेकिन समय गुजरने के साथ पेस ने एकल मुकाबलों से नाता तोड़ लिया और खुद को युगल तथा मिश्रित युगल तक सीमित कर दिया।
सोमवार को जारी ताजा सूची में सोमदेव को सात स्थान का फायदा हुआ है। वह पिछले सप्ताह 103वें स्थान पर थे। मौजूदा समय में वह देश के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकल खिलाड़ी हैं। उनके खाते में 540 रेटिंग अंक हैं।
शीर्ष-100 में जगह बनाने के साथ ही सोमदेव को वर्ष के चौथे ग्रैंड स्लैम अमेरिकी ओपन में सीधा प्रवेश मिल जाएगा। पिछले वर्ष सोमदेव ने इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए क्वालीफाईंग में हिस्सा लिया था।
वर्ष 2007 में भारतीय डेविस कप टीम में जगह बनाने के साथ चर्चा में आए सोमदेव ने पिछले तीन वर्षो में एटीपी रैंकिंग में काफी ऊंचाई तय की है। वह लगातार दो वर्षो से भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त एकल खिलाड़ी बने हुए हैं।
सोमदेव ने पिछले वर्ष चेन्नई ओपन के रूप में अपने करियर का पहला एटीपी फाइनल खेला। खिताबी मुकाबले में जगह बनाने के लिए सोमदेव ने स्पेन के दिग्गज खिलाड़ी कार्लोस मोया और क्रोएशिया के इवो कार्लोविक को पराजित किया था।
फाइनल में हालांकि उन्हें सर्बिया के मारिन सिलिक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद से सोमदेव ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एटीपी वरीयता क्रम में लगातार सुधार करते रहे।
इस वर्ष सोमदेव को वर्ष के दूसरे ग्रैंड स्लैम फ्रेच ओपन में खेलने का मौका मिला। सोमदेव ने क्वालीफाईंग टूर्नामेंट के जरिए इस प्रतिष्ठित आयोजन में खेलने का अधिकार हासिल किया था।
यह अलग बात है कि उन्होंने पहले दौर में ही स्विट्जरलैंड के खिलाड़ी मार्को च्यिुदिनेल्ली के हाथों हार का सामना करना पड़ा था लेकिन सोमदेव ने दूसरा सेट 6-3 से जीतकर मार्को को कड़ी टक्कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।