सुरेश रैना बोले- जिंदगी ज्यादा अहम है, IPL का इंतजार किया जा सकता है
नई दिल्ली। बड़ी हैरानी वाली बात है जहां दुनियाभर में कई टूर्नामेंट को स्थगित कर अगले साल रखा गया है तो वहीं भारत में 14 अप्रैल तक लाॅकडाउन होने के बावजूद भी बीसीसीआई उम्मीद रख रहा है कि टूर्नामेंट करवाया जा सकता है। यह खबरें भी आ रहीं हैं कि यह टूर्नामेंट बिना विदेशी खिलाड़ियों के सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों के बीच ही खेला जाएगा, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स(सीएसके) के बल्लेबाज सुरेश रैना का कहना है कि इस महामारी के बीच फिलहाल जिंदगी जीना अहम है, आईपीएल का इंतजार किया जा सकता है।

जिंदगी सबसे ज्यादा अहम
रैना ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू के दाैरान कहा, ''इस समय जिंदगी सबसे ज्यादा अहम है। आईपीएल का निश्चित रूप से इंतजार किया जा सकता है। हम सभी को लॉकडाउन पर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है अन्यथा हम सभी परिणामों का सामना करेंगे। जब जीवन बेहतर हो जाएगा, तो हम आईपीएल के बारे में सोच सकते हैं। इतने सारे लोग इस समय मर रहे हैं, हमें जान बचाने की जरूरत है।''

धोनी का भी किया जिक्र
वैश्विक महामारी के गंभीर होने से पहले रैना ने सीएसके शिविर के साथ प्रशिक्षण लिया था। उनके कप्तान एमएस धोनी, जो कुछ समय के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हो गए थे, भी शिविर के लिए भी मौजूद थे। रैना ने यह भी बताया कि नेट पर धोनी ने कैसी प्रैक्टिस की। उन्होंने कहा, ''यह एक अच्छा शिविर था। मैं दो महीने तक वहां था लेकिन फिर ऐसा हुआ। धोनी के साथ कुछ समय बिताने के लिए मिला। वह नेट्स में इतनी अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था जैसे मानों एक युवा खिलाड़ी को रनों की भूख होती है।'' रैना ने खुलासा किया कि एक सत्र में उन्होंने तीन घंटे तक बल्लेबाजी की।

इस वक्त तीन वक्त का खाना अहमियत रखता है
रैना ने यह भी खुलासा किया कि वह इस समय कैसे समय बिता रहे हैं। वह कहते हैं कि वह यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सिर्फ क्रिकेट के अलावा जीवन के लिए अन्य चीजें कैसे हैं। रैना ने कहा, ''मैं लाॅकडाउन होने के कारण, खाना पकाने और बच्चों के साथ समय बिताने में आराम कर रहा हूं। क्रिकेट की तुलना में जीवन के लिए बहुत कुछ है, इन जैसे क्षणों को आप महसूस करते हैं। इस लॉकडाउन के साथ, लोगों को पृथ्वी के नीचे होने के महत्व का एहसास होना चाहिए।'' उन्होंने आगे कहा कि इस समय आपके घर और कार के आकार और आप क्या पहनते हो, इसकी तुलना में एक दिन में तीन वक्त का खाना ज्यादा अहमियत रखता है। मैं होस्टल के दिनों से ही खाना पकाता था, मुझे यह अच्छा लगता है। पत्नी ने पिछले हफ्ते बेटे को जन्म दिया है इसलिए घर के काम में हाथ बंटाकर खुश हूं।
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