यूरो कप के फाइनल मुकाबले में स्पेन ने जब इटली को रौंद कर खिताब पर कब्जा कर इतिहास रचा तो उस समय टीम का लकी नंबर था '4'। जी हां यूरो का फाइनल मैच शुरू से लेकर आखिरी तक 4 नंबर के इर्द-गिर्द घूमता रहा। फाइनल में 4 गोल कर तीसरा यूरो कप अपने नाम करने वाली स्पेन के लिए सच कहा जाये तो 4 नंबर कुछ ज्यादा ही ख़ास रहा या दूसरे शब्दों में ये भी कहा जा सकता है की कल खेले गए मैच में खेल और खिलाडियों के अलावा नंबर 4 ने ही अपना जलवा बिखेरा।
ज्ञात हो कि पूरे फुटबॉल जगत में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने विश्व कप 2010 के साथ-साथ लगातार दो यूरो कप अपने नाम किये हों । स्पेन ने पहली बार 1964 में सोवियत संघ को 2-1 से हराकर खिताब जीता था। इसके बाद 2008 में जर्मनी को 1-0 से हराकर दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया।
खैर जब खेल था तो शह और मात लाजमी थी। किसी एक को जीतना था किसी एक को हारना था। आइये आपको बताते हैं इस खेल में ऐसा क्या ख़ास रहा जो स्पेन के जीतने की अहम वजह बना।
आइये बताते हैं आपको क्यों रहा नंबर 4 खास स्पेन के लिए
खेल का पहला गोल बड़ी ही खूबसूरती के साथ 14 वें मिनट में डेविड सिल्वा द्वारा दागा गया 14 के अंत में आता है 4
खेल का दूसरा गोल मारा जोर्डी अल्बा ने, अल्बा का ये गोल खेल के 44 वें मिनट में पड़ा 44 के अंत में भी 4 ही आता है।
ये तो बात हो गयी हाफ टाइम से पहले खेले गए मैच की हाफ टाइम के बाद बतौर वैकल्पिक खिलाड़ी उतरे स्पेन के स्टार खिलाड़ी फ़र्नांडो टॉरेस ने खेल के 84 वें मिनट में परिपक्व खेल का परिचय देते हुए गोल कर स्पेन को 3-0 की बढ़त दिलाई। यहाँ एक बार फिर से अगर गौर करा जाये तो 84 के अंत में भी 4 ही आता है।
अब आपको बताते हैं उस गोल के बारे में जिसकी वजह से स्पेन ने इतिहास बनाया। खेल के अंत में यानी की 88 वें मिनट में ये बात तो लगभग पक्की हो ही चुकी थी की जीत तो आखिर स्पेन की ही होगी और वैसे भी स्पेन के खिलाड़ी इटली पर भारी पड़ ही चुके थे।
खेल के 88 वें मिनट में बड़े ही परिपक्व अंदाज में टीम के खिलाड़ी फ़र्नांडो टॉरेस और जुआन माता विपक्षी खेमें के गोअल पोस्ट पर अपना कब्ज़ा जमा चुके थे कि तभी स्पेन के स्टार खिलाड़ी टॉरेस को इटली की सेना ने घेर लिया लेकिन वहां टॉरेस घबराए बिलकुल भी नहीं और उन्होंने बैक किक के जरिये जुआन माता को पास दिया जिन्होंने उस पास को गोल में तब्दील करने में कोई कसार नहीं छोड़ी।चूँकि स्पेन का ये गोल हाल टाइम के बाद था यानी दूसरे गोल दूसरे पड़ाव का गोल था तो अब अगर 88 का 2 से भाग दिया जाये तो उसमें भी 4 आता है।
अब सबसे महत्त्वपूर्ण बात स्पेन ने इटली को 4-0 से रौंदा है तो यहाँ भी 4 ही आया है।अतः इन सारे तथ्यों को जानने और समझने के बाद ये कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी की स्पेन के लिए नंबर 4 खासा लकी रहा है और कप हासिल करने की अहम वजह बना है।