Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

फ़ुटबॉल में तकनीक ने खड़े किए विवाद

विश्व कप फ़ुटबॉल में रविवार को हुए दो विवादास्पद निर्णयों के बाद फ़ुटबॉल में गोललाइन और वीडियो तकनीक को लेकर बहस शुरू हो गई है.

मैच के रिप्ले से दिखा कि इंग्लैंड के फ़्रैंक लैम्पार्ड का शॉट जर्मनी के गोल लाइन को पार कर गया था लेकिन रेफ़री ने इसे नामंज़ूर कर दिया. वहीं दूसरी तरफ अर्जेंटीना के खिलाड़ी कार्लोस तेवेज़ ने ऑफसाइड पोज़िशन से मैक्सिको के ख़िलाफ़ गोल किया था. रेफ़री ने इस गोल को मंज़ूरी दे दी थी. इसके बाद मैक्सिको के खिलाड़ी काफी उत्तेजित हो गए थे.

इंग्लैंड और मैक्सिको दोनों को ही अपने-अपने मैच में हार का मुंह देखना पड़ा. अब बहस शुरु हो गई है कि इस तरह की ग़लतियों से बचने के लिए तकनीक मौजूद हैं तो फिर इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?

दिक्कतें

विश्व फ़ुटबॉल का संचालन करने वाली संस्था फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने कहा, "हमारे पास अभी भी ऐसी प्रणाली नहीं है जो पूरी तरह से खामी रहित हो. 3-डी हाक-आई प्रणाली के नतीजे 95 फ़ीसदी तो सही हैं लेकिन यह भी सौ फ़ीसदी सही नहीं है."

हाक-आई एक कंप्यूटर प्रणाली है जो गेंद के पथ को दिखाती है. एक और प्रणाली है जिसमें गेंद में कंप्यूटर चिप का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन यह काफी महंगी होती है क्योंकि इसमें पूरी पिच को तार के जरिए इसके दायरे में लाने की ज़रूरत पड़ती है. इसके अलावा खेल की तारतम्यता का भी ध्यान रखना पड़ता है. ऐसा मानना है कि विवादों को सुलझाने के उद्देश्य से किए जाने वाले हस्तक्षेप से इस पर असर पड़ सकता है.

सवाल उठता है कि गोल निर्धारित करने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल आज किया जा रहा है, उसकी मदद लेकर गलतियां क्यों नहीं पकड़ी जातीं? तकनीक का विरोध करने से तो रेफ़री गलतियां करते रहेंगे. लेकिन इस विरोध की एक ही वजह समझ में आती है-कम से कम खेल तो चर्चा में बना ही रहता है, भले ही लाखों खेल प्रेमियों के दिल टूटते रहें.

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:23 [IST]
Other articles published on Nov 13, 2017
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+