खबर लिखे जाने तक श्रीलंका ने 41 ओवर के खेल में 7 विकेट के नुकसान पर 210 रन बना लिए थे। परवेज माहरूफ 20 रन बनाकर और और कुलसेकरा 2 रन बनाकर मैदान में संघर्ष कर रहे हैं।
भारत की ओर से पार्ट टाइम स्पिन गेंदबाज वीरेंद्र सहवाग ने अभी तक सर्वाधिक दो विकेट लिए हैं। उन्होंने खतरनाक होते दिख रहे विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा और कप्तान माहेला जयवर्धने को चलता किया।
तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार की गेंद पर युवराज सिंह के हाथों कैच आउट होने से पहले दिलशान ने 45 गेंदों का सामना करते हुए छह चौकों की मदद से 38 रन बनाए जबकि 16 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 27 रन बनाने वाले जयसूर्या को इरफान पठान ने रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। युवराज सिंह ने मैथ्युज को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच आउट कराया तो युसूफ पठान ने कंडाम्बी को एलबीडब्ल्यू आउट किया। प्रज्ञान ओझा ने कपूगेदरा को 16 के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया।
इससे पहले, युवा सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (150 रन) के करियर के सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (94) तथा सुरेश रैना (नाबाद 49) की नायाब पारियों की बदौलत भारतीय टीम एक बार फिर रनों का पहाड़ खड़ा करने में सफल रही।
अपने करियर का छठा शतक लगाने वाले गंभीर की बेहतरीन पारी की बदौलत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में पांच विकेट पर 332 रन बनाए।
गंभीर ने 147 गेंदों पर 14 चौके और एक छक्का लगाया। गंभीर ने एकदिवसीय मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया। इससे पहले उनका सर्वोच्च स्कोर 113 रन था। कप्तान धोनी ने 96 गेंदों पर चार चौके और दो छक्के लगाए जबकि रैना 37 गेंदों पर चार चौके और एक छक्का लगाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम का पहला विकेट सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (5) के रूप में 14 रन के कुल योग पर गिरा था। इसके बाद गंभीर और धोनी ने दूसरे विकेट के लिए 188 रनों की साझेदारी निभाई।
धोनी 202 के कुल योग पर आउट हुए थे। इसके बाद भारतीय टीम ने युवराज (5) और यूसुफ पठान (0) के विकेट भी जल्दी-जल्दी गंवा दिए।
धोनी और गंभीर ने श्रीलंकाई टीम को एक बार फिर ठीक उसी तरह हताश किया, जिस तरह मंगलवार को इसी मैदान पर सहवाग और युवराज ने तीसरे विकेट के लिए 223 रन जोड़कर निराश किया था।
सहवाग ने तीसरे मुकाबले में श्रीलंकाई टीम की मिट्टी पलीद कर दी थी लेकिन इस मैच में तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर ही उन्हें सनत जयसूर्या के हाथों कैच करा दिया।
कुलसेकरा ने युवराज और यूसुफ को भी चलता किया जबकि धोनी जयसूर्या की गेंद पर दिलहारा फर्नाडो के हाथों लपके गए।
इस मैच में एक विकेट लेकर श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन विश्व के सबसे सफल एकदिवसीय गेंदबाज बन गए। मुरलीधरन ने 503 विकेट लेकर पाकिस्तान के वसीम अकरम के विश्व रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया। अपने करियर के 328वें मैच में खेलते हुए 36 वर्षीय मुरलीधरन ने गंभीर का विकेट लेकर यह सफलता हासिल की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।