त्रिकोणीय श्रृंखला : श्रीलंका से हारकर श्रृंखला से बाहर हुआ भारत (राउंडअप)
हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 268 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम ने 48.2 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 270 रन बना लिए।
श्रीलंका की ओर से दिनेश चांदीमल 111 रनों की शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया। इसके अलावा चमारा कापुगेदेरा ने 42 रनों का योगदान दिया।
श्रीलंका का पहला विकेट तिलकरत्ने दिलशान के रूप में गिरा। उन्होंने 19 गेंदों में चार चौकों की मदद से 21 रन बनाए। ढींढा की गेंद पर पठान ने उनका कैच लपका।
उपल थरंगा 15वें ओवर में 27 रन बनाकर आउट हुए। उन्होंने 38 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया। अश्विन की गेंद पर वह विराट कोहली के हाथों लपके गए। उस समय टीम का कुल योग 81 रन था।
श्रीलंका को तीसरा झटका चमारा कापुगेदेरा के रूप में 37वें ओवर में लगा। उन्होंने 60 गेंदों में दो चौके और एक छक्के की मदद से 42 रन बनाए। प्रज्ञान ओझा की गेंद पर पंकज सिंह ने उनका कैच लपका।
इससे पहले हरारे स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में नौ विकेट पर 268 रन बनाए। एक समय भारतीय टीम संकट में थी। टीम के दोनों सलामी बल्लेबाजों नमन ओझा और दिनेश कार्तिक के जल्द पेवेलियन लौट जाने के बाद कोहली ने यूसुफ पठान के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों के बीच 84 रनों की साझेदारी हुई। पठान के 44 रनों के निजी स्कोर पर आउट होने के साथ यह साझेदारी टूट गई।
कोहली ने थिलान तुषारा की गेंद पर आउट होने से पहले 95 गेंदों पर 68 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में पांच चौके शामिल थे। शानदार फार्म में चल रहे रोहित शर्मा ने यहां 32 रन बनाए। गौतलब है कि इस श्रृंखला में रोहित ने लगातार दो शतक जड़े हैं। कप्तान सुरेश रैना एक बार फिर नाकाम रहे और उनके बल्ले से महज 19 रन निकले।
निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अहम योगदान दिया। अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला खेल रहे आर. अश्विन ने 32 गेंदों पर 38 रनों की तेज पारी खेली। उन्होंने एक छक्का और चार चौके लगाए। रवींद्र जडेजा ने 19 रनों की पारी खेली। भारत के खाते अतिरिक्त के रूप में 12 रन जुड़े।
इससे पहले श्रीलंकाई टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की ओर से कार्तिक के साथ युवा बल्लेबाज ओझा को पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी दी गई थी। परंतु करियर का पहला मैच खेल रहे ओझा ने जल्द ही पेवेलियन की राह पकड़ ली। ओझा श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। उन्होंने सात गेंदों का सामना किया और सिर्फ एक रन बनाया। कार्तिक एक बार फिर विफल रहे और 27 रन बनाकर आउट हो गए।
श्रीलंका की ओर से तुषारा सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने नौ ओवरों में 57 रन खर्च करके तीन विकेट चटकाए। उनके अलावा सूरज रंदिव ने भी दो विकेट झटके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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