नई दिल्ली। एक बार की चैंपियन इंग्लैंड की टीम सोमवार को ट्यूनीशिया के खिलाफ ग्रुप-जी के मुकाबले में भिड़ेगी। हर बार की तरह इस बार भी इंग्लैंड की टीम को सभी टीमों के मुकाबले सबसे संतुलित टीम कहा जा रहा है। इंग्लैंड ने 1966 में अपने घर में खेलते हुए एकमात्र विश्व कप खिताब पर कब्जा किया था। इसमें कोई शक नहीं कि कोच गेरेथ साउथगेट की टीम ट्यूनीशिया के खिलाफ मैच में पूरे 3 अंक हासिल करने की प्रबल दावेदार है लेकिन उसे विपक्षी टीम से मिलने वाली चुनौती से भी सतर्क रहना होगा। अगर 'थ्री लॉयंस' की टीम इस मैच में हार जाती है, तो यह नतीजा बड़ा हैरानी भरा होगा। इंग्लैंड को इस बार वर्ल्ड कप की फेवरेट टीम कहा जा रहा है। इसका कारण टीम में मौजूद धाकड़ युवा खिलाड़ी हैं। ट्यूनीशिया की टीम विश्व कप के इतिहास में ग्रुप स्टेज से कभी आगे नहीं बढ़ सकी है और वह भी अंतिम-16 खेलने के सपने बुन रही है। ऐसे में इंग्लैंड के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। आखिरी बार दोनों टीमों की भिड़ंत 1998 के विश्व कप के ग्रुप स्टेज के मुकाबले में हुई थी जहां इंग्लैंड ने 2-0 से जीत दर्ज की थी
इंग्लैंड ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले दो फ्रैंडली मैचों में नाइजीरिया और कोस्टा रिका को हराया था। जून 2017 में फ्रांस से मिली 2-3 की हार के बाद उसने एक भी मैच नहीं गंवाया है। इससे इंग्लिश टीम के खिलाडियों का हौसला जरूर बढ़ेगा। टीम की तैयारियां अच्छी रही हैं जिससे उसके खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। आपने सुना होगा कि जब भी वर्ल्ड कप नजदीक आता है तब-तब चर्चे होने लगते हैं कि इंग्लैंड पहले से कहीं अधिक संतुलित है और 1966 की सफलता दोहरा सकता है। ये बिल्कुल वैसा ही जैसे हर बार इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में लोग रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को सबसे संतुलित बताकर विजेता बताने लगते हैं। हालांकि फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड की बात करें तो इस बार उसका सपना सच साबित हो सकता है। इंग्लैंड के पास इस समय राहेम स्टर्लिंग, डीले एली और जेसी लिंगार्ड जैसे अटैकर्स हैं। इसके अलावा जोर्डन हैंडर्सन और एरिक डायर जैसे अनुभवी खिलाड़ी इस इंग्लैंड टीम को क्षमतावान बनाते हैं और ये तब है जब लिवरपूल के एलेक्स ऑक्सलेड-चेम्बरलेन चोटिल हैं।
इंग्लैंड के पास एक सिस्टम है जिसके साथ वे मैदान में उतरते हैं। गैरेथ साउथगेट को सैम अलार्डिस की जगह कोच बनाया गया है। सैम अलार्डिस को टेलीग्राफ के स्टिंग ऑपरेशन के बाद निकला दिया गया था। हालांकि साउथगेट ने इंग्लैंड टीम को एक नया दृष्टिकोण दिया है। जब साउथगेट ने 23 सदस्यीय विश्व कप फुटबॉल टीम का ऐलान किया तो उन्होंने अनुभवी गोलकीपर जो हार्ट जगह नहीं दी। तब कहा गया कि वे केवल ऐसे खिलाड़ियों को टीम में रखना चाहते हैं जिनका प्रदर्शन अच्छा रहा हो। इंग्लैंड के पास आक्रामण करने के लिए प्रतिभाशाली युवा स्टाइकर कप्तान हैरी केन, रहीम स्टर्लिंग, जेसे लिंगार्ड और डैनी वेल्बेक शामिल हैं। इसके साथ ही कोच के पास मिडफील्ड में भी बदलाव कर सकते हैं।
ट्यूनीशिया की बात करें तो उसने क्वालीफाई करने के लिए ग्रुप ए में शीर्ष पर रहते हुए चार जीत और दो ड्रॉ खेले थे। इस ग्रुप में गिनी, लीबिया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की टीमें थीं। उन्होंने कांगो के खिलाफ मैच में चार अंक हासिल किए, जिसमें किन्शासा में घर से बाहर 2-2 से एक ड्रॉ भी शामिल है। रूस का टिकट कटाने वाली पांच अफ्रीकी टीमों में से एक, ट्यूनीशिया पहली बार ग्रुप स्टेज से आगे बढ़ने की उम्मीद कर रही है, लेकिन यह कहने से काम लगता है हालांकि उतना आसान होगा नहीं।
ट्यूनीशिया में कोई घरेलू नाम नहीं है। हालांकि उनके लिए ये फायदेमंद साबित हो सकता है। क्वालीफायर्स में बद्री के महत्वपूर्ण गोल ने टीम को विश्व कप बर्थ बुक करने में मदद की थी और वह रूस में टीम के भाग्य की कुंजी होंगे। कतर के अल दुहेल एससी के साथ खेलने वाले स्टार प्लेयर यूसुफ मस्कीनी की अनुपस्थिति, कार्थेज ऑफ ईगल्स के लिए एक बड़ा झटका है। मस्किनी की अनुपस्थिति में, ट्यूनीशिया के अटैक का अधिकांश जिम्मा नाइम स्लिटी और सुंदरलैंड के फ्लॉप खजरी पर होगा।
कोच नाबिल मालौल ने नेशनल टीम के लिए 74 कैप्स हासिल किए और देश के सबसे सफल क्लब साइड के साथ आठ टॉप-फ्लाइट खिताब जीते हैं। हालांकि अब देखना होगा कि इस्पेरेन्स ट्यूनिस का ये दिग्गज खिलाड़ी क्या अपनी टीम को बतौर कोच प्ले-ऑफ से आगे बढ़ा पाएगा। ट्यूनिशिया की टीम अभी तक ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई है।
ट्यूनीशिया vs इंग्लैंड - 11.30PM - वोल्गोग्राड