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असम में तीसरा मोर्चा बिखराव की राह पर

गुवाहाटी, 9 फरवरी (आईएएनएस)। राज्य में पूरे तामझाम के साथ अस्तित्व में आए तीसरे मोर्चा के नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा इसे बिखराव के रास्ते पर ले जा रही है। सीटों के बंटबारे को लेकर गठबंधन में दरार पैदा हो गई है।

गठबंधन के दो प्रमुख घटकों माकपा और असम यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एयूडीएफ) के बीच सीटों को लेकर घमासान शुरू हो गया है। एयूडीएफ के प्रमुख और इत्र किंग कहे जाने वाले बदरुद्दीन अजमल ने गठबंधन के दूसरे घटक दलों को विश्वास में लिए बगैर अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर माकपा को नाराज कर दिया है। माकपा के वरिष्ठ नेता हेमेन दास कहते हैं, "अजमल अपनी उम्मीदवारी की घोषणा एकतरफा कैसे कर सकते हैं? यह गठबंधन धर्म के खिलाफ है। यह उचित कदम नहीं है।"

अजमल ने सिलचर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। गठबंधन में शामिल एयूडीएफ , माकपा, भाकपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पिछले सप्ताह यह फैसला लिया था कि वे मिलजुलकर सीटों का बंटवारा करेंगे। गठबंधन ने अपने बैनर तले आम सहमति से उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का फैसला लिया था।

राज्य में तीसरे मोर्चे के गठन का विचार तब पनपा जब प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी असम गण परिषद (अगप) ने भाजपा के साथ मिलकर संसदीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। इधर, बोड़ो जनजाति के खिलाफ अजमल के हालिया बयान से भाकपा खफा है। अजमल ने बोड़ो जनजाति को मुस्लिम विरोधी करार दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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