फुटबॉल टीमों में विदेशी खिलाड़ी
फीफा अध्यक्ष सैप ब्लेटर इस प्रस्ताव को 2012/2013 तक लागू करना चाहते हैं लेकिन यूरोपीय आयोग ने कहा है कि यह प्रस्ताव भेदभावपूर्ण और ग़ैरक़ानूनी है.
बीबीसी के खेल संवाददाता मिहिर बोस का कहना है, "फीफा कांग्रेस ने सैप ब्लेटर को अपने इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार करने के लिए कहा है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं."
मिहिर बोस का कहना था, "इस बारे में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है इसलिए इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है कि यह प्रस्ताव किस समय वास्तविकता बनेगा."
बोस के अनुसार सैप ब्लेटर इस बारे में किसी भ्रम में नहीं हैं कि यूरोपीय आयोग इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ है और यह प्रस्ताव यूरोपीय क़ानूनों के दायरे में खरा नहीं उतरता है.
इस प्रस्ताव पर सिडनी में फीफा कांग्रेस में मतदान हुआ जिसके बाद सैप ब्लेटर ने कहा, "फीफा कांग्रेस इस प्रस्ताव पर ज़ोरदार समर्थन को देखकर काफ़ी उत्साहित थी. प्रस्ताव के समर्थन में 155 वोट और विरोध में सिर्फ़ पाँच वोट पड़े. इसका मतलब है कि 155 लोगों ने हाँ में मतदान किया और सिर्फ़ पाँच ने ना कहा."
"यह सचमुच इस प्रस्ताव पर ज़ोरदार समर्थन है."
सैप ब्लेटर अब पाँच जून को यूरोपीय आयोग के साथ बैठक करेंगे. उन्होंने कहा है, "इस प्रस्ताव को ग़ैरक़ानूनी बताने का क्या अर्थ है? किसके लिए और कब, अगर कोई क़ानून है तो क़ानून में संशोधन किया जा सकता है."
लेकिन यूरोपीय आयोग का मानना है कि फुटबॉल टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या सीमित कर देना यूरोपीय क़ानून से मेल नहीं खाता है जिसमें यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के नागरिकों को एक दूसरे देश में आने-जाने की पूरी आज़ादी है.
बीबीसी के खेल संवाददाता मिहिर बोस का कहना है, "फीफा कांग्रेस ने सैप ब्लेटर को अपने इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार करने के लिए कहा है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं."
मिहिर बोस का कहना था, "इस बारे में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है इसलिए इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है कि यह प्रस्ताव किस समय वास्तविकता बनेगा."
बोस के अनुसार सैप ब्लेटर इस बारे में किसी भ्रम में नहीं हैं कि यूरोपीय आयोग इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ है और यह प्रस्ताव यूरोपीय क़ानूनों के दायरे में खरा नहीं उतरता है.
इस प्रस्ताव पर सिडनी में फीफा कांग्रेस में मतदान हुआ जिसके बाद सैप ब्लेटर ने कहा, "फीफा कांग्रेस इस प्रस्ताव पर ज़ोरदार समर्थन को देखकर काफ़ी उत्साहित थी. प्रस्ताव के समर्थन में 155 वोट और विरोध में सिर्फ़ पाँच वोट पड़े. इसका मतलब है कि 155 लोगों ने हाँ में मतदान किया और सिर्फ़ पाँच ने ना कहा."
"यह सचमुच इस प्रस्ताव पर ज़ोरदार समर्थन है."
सैप ब्लेटर अब पाँच जून को यूरोपीय आयोग के साथ बैठक करेंगे. उन्होंने कहा है, "इस प्रस्ताव को ग़ैरक़ानूनी बताने का क्या अर्थ है? किसके लिए और कब, अगर कोई क़ानून है तो क़ानून में संशोधन किया जा सकता है."
लेकिन यूरोपीय आयोग का मानना है कि फुटबॉल टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या सीमित कर देना यूरोपीय क़ानून से मेल नहीं खाता है जिसमें यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के नागरिकों को एक दूसरे देश में आने-जाने की पूरी आज़ादी है.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:12 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
