तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने दो विकेट झटककर श्रीलंका पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी लेकिन चौथे दिन की समाप्ति के साथ हालात उलट गया। अब भारत को या तो हार बचाने के लिए खेलना होगा या फिर अपने कद्दावर बल्लेबाजों के बूते जीत हासिल करते हुए श्रृंखला में बराबरी के बारे में सोचना होगा।
जीत भी भारत से दूर नहीं गई है क्योंकि विकेट पर सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज हैं जबकि अभी वी.वी.एस. लक्ष्मण, सुरेश रैना और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी जैसे धुरंधरों को बल्लेबाजी के लिए आना है। अभिमन्यु मिथुन और अमित मिश्रा से भी अच्छी बल्लेबाजी की आशा की जा सकती है क्योंकि पहली पारी में उन्होंने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया था।
भारत ने चौथे दिन की समाप्ति तक वीरेंद्र सहवाग, मुरली विजय और राहुल द्रविड़ के विकेट गंवाए हैं। तेंदुलकर 11 और ईशांत शर्मा दो रन पर नाबाद लौटे। भारतीय टीम को जीत के लिए अब भी 204 रनों की जरूरत है। यह योग अच्छा खेलने की स्थिति में मामूली है लेकिन खराब बल्लेबाजी की सूरत में यही पहाड़ जैसा दिखता है।
बहरहाल, श्रीलंका को दूसरी पारी में 267 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम ने सबसे पहले सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का विकेट गंवाया। इस मैच को भारत की झोली में डालने के लिए सहवाग का टिके रहना बेहद जरूरी था लेकिन वह मात्र तीन गेंदों का सामना करने के बाद सूरज रांडीव के शिकार बने।
सहवाग खाता भी नहीं खोल सके। भारत का यह विकेट 10 रन के कुल योग पर गिरा। इसके बाद 27 रन के कुल योग पर राहुल द्रविड़ का विकेट गिरा। यह विकेट भी रांडीव ने लिया। द्रविड़ सात रन बना सके। मुरली विजय एक छोर पर टिककर भारत को मजबूत स्थिति में लाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन 49 के कुल योग पर रांडीव ने उन्हें भी पेवेलियन की राह दिखा दी। मुरली ने 27 रन बनाए। मुरली का शानदार कैच माहेला जयवर्धने ने लपका। इस कैच को लेकर कुछ विवाद था लेकिन तीसरे अंपायर ने इसे सही करार दिया।
इससे पहले, चौथे दिन मेजबान टीम ने अपनी दूसरी पारी में 267 रन बनाए। अंतिम विकेट के रूप में अमित मिश्रा ने शानदार पारी खेल रहे असंथा मेंडिस को सुरेश रैना के हाथों कैच कराया। मेंडिस ने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 157 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 78 रन बनाए।
मेंडिस ने थिलन समरवीरा (83) के साथ नौवें विकेट के लिए 118 रन और चनाका वेलेगेदारा के साथ अंतिम विकेट के लिए 24 रन जोड़े। वेलेगेदारा चार रन पर नाबाद लौटे। मेजबान टीम ने समरवीरा के रूप में अपना नौवां विकेट गंवाया था। भारत के तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन ने नई गेंद के साथ गेंदबाजी करते हुए शतक की ओर बढ़ रहे थिलन समरवीरा को आउट किया था।
समरवीरा 139 गेंदों का सामना करते हुए छह चौके लगाए। इससे पहले समरवीरा ने लसिथ मलिंगा (15) के साथ आठवें विकेट के लिए 38 रन जोड़े थे। भारत की ओर से प्रज्ञान ओझा, वीरेंद्र सहवाग और मिश्रा ने तीन-तीन विकेट चटकाए जबकि मिथुन को एक सफलता मिली।
श्रीलंका ने तीसरे दिन की समाप्ति तक अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 45 रन बनाए थे। तीसरे दिन के दोनों विकेट सहवाग के खाते में गए थे। सहवाग ने थरंगा पारानाविताना (16) और तिलकरत्ने दिलशान (13) को सस्ते में आउट किया था।
चौथे दिन श्रीलंका ने समरवीरा और मेंडिस के अलावा कप्तान कुमार संगकारा (28), सूरज रांडीव (6), माहेला जयवर्धने (5), एंजेलो मैथ्यूज (5), प्रसन्ना जयवर्धने (0) और मलिंगा (15) के विकेट गंवाए। तीसरे दिन संगकारा 12 और रांडीव बिना खाता खोले नाबाद लौटे थे।
तीन मैचों की इस श्रृंखला में मेजबान टीम 1-0 से आगे है। उसने गॉल में खेला गया पहला मुकाबला 10 विकेट से जीता था जबकि कोलंबो में ही खेला गया दूसरा मैच बेनतीजा समाप्त हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।