बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
ब्राज़ील की फ़ुटबॉल टीम इस बार भी विश्व कप जीतने की दावेदार टीमों में से एक है. टीम का अब तक का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व कप जीतने की हालत में खिलाड़ियों को कितना पैसा मिलेगा?
दरअसल मई में ही खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के रूप में कप्तान लूसियो और राष्ट्रीय फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन के बीच इस रक़म पर समझौता हो गया था. लेकिन जब भी ब्राज़ील के कप्तान प्रेस कॉन्फ़्रेंस में होते हैं, पत्रकार उनसे इस राशि के बारे में सवाल पूछना नहीं भूलते और लूसिया हंस कर बात टाल देते हैं. ब्राज़ील के कई अख़बार तो इस रक़म का अलग अलग अंदाज़ा लगा रहे हैं. एक अख़बार ने प्रति खिलाड़ी ये राशि साढ़े पाँच लाख डॉलर बताई है तो दूसरा अख़बार इसे सिर्फ़ दो लाख डॉलर मान रहा है.
अब ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा कि ब्राज़ील की टीम ख़िताब जीत पाती है या नहीं लेकिन इनामी राशि पर कप्तान लूसियो का ताज़ा जवाब आप ज़रूर सुन लीजिए. लूसियो कहते हैं, “विश्व कप जीतना सपना होता है और सपने अनमोल होते हैं".
वित्तीय लाभ नहीं
एक ओर बोनस और सम्मान की बात चल रही है, तो दूसरी ओर फ़्रांसीसी टीम के खिलाड़ियों को बोनस न देने का फ़रमान जारी हो रहा है. फ़्रांसीसी टीम के ख़राब प्रदर्शन के कारण फ़्रांस में कड़ी प्रतिक्रिया हो रही है. फ़ुटबॉल प्रेमी हों, आम नागरिक या राजनेता सभी एक स्वर में टीम और खिलाड़ियों की जम कर आलोचना कर रहे हैं. देश में यह मांग उठ रही है कि ख़राब प्रदर्शन के लिए ज़िम्मेदार खिलाड़ियों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए.
निकोलस एनेल्का को टीम से निकाले जाने के बाद एक दिन टीम ने ट्रेनिंग करने से इनकार कर दिया था. फ़्रांसीसी लोग सबसे ज़्यादा इससे क्षुब्ध हैं. लोगों का कहना है कि विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में कोई पेशेवर टीम ऐसा कैसे कर सकती है.
टीम को विश्व कप से वित्तीय फ़ायदा न मिले, इसकी मांग उठ रही है, जिस पर राष्ट्रपति कार्यालय ने भी सहमति जताई है. इस स्थिति को देखते हुए खिलाड़ियों ने ख़ुद कहा है कि वे बोनस या विश्व कप अभियान से जुड़ा कोई भी वित्तीय लाभ स्वीकार नहीं करेंगे. लेकिन पूर्व विश्व चैम्पियन टीम को अपने देश में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा.
क्लासिक मुक़ाबला
विश्व कप के नॉक आउट स्टेज में सबसे मज़ेदार मुक़ाबला इंग्लैंड और जर्मनी का होगा. दोनों प्रतिद्वंद्वी टीमें सोच तो रही थीं कि ऐसा हो सकता है लेकिन अब जब ये तय हो गया है, तो रणनीति बननी शुरू हो गई है. यहां के स्थानीय लोग हों या बाहर से आए फ़ुटबॉल प्रेमी सबकी ज़ुबां पर यही चर्चा है कि इंग्लैंड और जर्मनी में से कौन सी टीम बाज़ी मारेगी.
ये तो आने वाला समय ही बताएगा कि कौन सी टीम मैच जीतती है, लेकिन इतना तय है कि एक यूरोपीय टीम का पत्ता साफ़ हो जाएगा.
दूसरी ओर जर्मनी के कोच जोकिम लॉ का कहना है कि वे इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच के लिए बिल्कुल तैयार हैं. वैसे दोनों ही टीमों का प्रदर्शन अभी तक बहुत अच्छा नहीं रहा है और आख़िरी मैच के बाद ही इन दोनों टीमों के आगे जाने का रास्ता खुला है. तो रविवार को एक क्लासिक मैच के लिए तैयार हो जाइए.