समाचार पत्र 'न्यूजीलैंड हेराल्ड' के मुताबिक न्यूजीलैंड ओलंपिक समिति के प्रमुख माइक स्टैनले ने कहा है कि वैसे तो उनका देश राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नई दिल्ली जाने के लिए कृतसंकल्प है लेकिन सुरक्षा को लेकर समझौता नहीं किया जा सकता।
पत्र ने स्टैनली के हवाले से लिखा है, "हम अगले 10 दिनों तक सुरक्षा और परिचालन संबंधी तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद ही हम दिल्ली जाने को लेकर अंतिम फैसला लेंगे। अभी हम इस संबंध में कुछ भी साफ-साफ कहने की स्थिति में नहीं हैं।"
सुरक्षा संबंधी तैयारियों का जायजा लेने के लिए न्यूजीलैंड ओलंपिक समिति ने कीवी दल के प्रमुख (चीफ दे मिशन) डेव कुरी को मंगलवार को भारत भेजने का फैसला किया है। कुरी ने भी कहा है कि खिलाड़ियों तथा अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसे लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
न्यूजीलैंड ओलंपिक समिति का यह बयान ऐसा वक्त में आया है जब खेलों के दौरान 'संपूर्ण सुरक्षा' मुहैया कराने को लेकर कृतसंकल्प दिल्ली पुलिस ने सभी 11 आयोजन स्थलों पर अपने जवानों की तैनाती कर दी है।
प्रत्येक आयोजन स्थल पर 800 से 1500 प्रशिक्षित जवानों की तैनाती की गई है। खेलों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 80,000 से अधिक जवान तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की 175 कंपनियों सहित कुल 175,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
प्रत्येक आयोजन स्थल की जिम्मेदारी 'वेन्यू कमांडर' को दी गई है। आईपीएस रैंक का यह अधिकारी सुरक्षा संबंधी सभी मानकों की देखरेख करेगा।
साथ ही प्रत्येक आयोजन स्थल को केंद्रीय कमांड कक्ष से जोड़ा गया है। यह कमांड कक्ष दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में स्थापित किया गया है। साथ ही लोगों की प्रत्येक हरकतों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।