सड़क के रास्ते चण्डीगढ़ पहुंचेगी 'क्वीन्स बैटन'
'क्वीन्स बैटन रिले' की आधारिक प्रवक्ता प्रिया सिंह पॉल ने आईएएनएस को बताया, "मशाल को पहले जम्मू से विमान के जरिए चण्डीगढ़ लाया जाना था। परंतु सुरक्षा कारणों की वजह से कार्यक्रम में बदलाव किया गया। अब इसे सड़क मार्ग के जरिए लाया जा रहा है।"
राष्ट्रमंडल में शामिल देशों में लगभग 170,000 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद मशाल 25 जून को पाकिस्तान के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुई थी।। भारत पहुंचने पर मशाल का पूरे उत्साह से भव्य स्वागत किया गया था। अब यह मशाल देश के 28 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए 30 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचेगी।
पाकिस्तान ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरिफ हसन ने मशाल भारतीय ओलंपिक संघ (आईएओए) के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को वाघा सीमा पर सौंपी थी। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटील, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर कई ओलंपियन और सियासी व खेल जगत की कई हस्तियां मौजूद थीं।
आईएओए के अधिकारी राजा सिद्धू का कहना है, "मैंने पंजाब पुलिस के प्रमुख से कहा है कि मशाल के यहां पहुंचने के दौरान पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मशाल पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर और मोहाली होते हुए चण्डीगढ़ पहुंचेगी।"
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में तीन से 14 अक्टूबर तक राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन किया जाएगा। वर्ष 1982 में देश में हुए एशियाई खेलों के बाद यह खेलों के लिहाज से सबसे बड़ा आयोजन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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