फीफा विश्व कप : मध्यांतर तक बराबरी पर रहा जापान-पराग्वे मुकाबला (लीड-1)
मध्यांतर तक पराग्वे की टीम जापान पर हावी रही लेकिन जापानी रक्षा पंक्ति को भेदने में उसके खिलाड़ी सफल नहीं हो सके। 45 मिनट के मुकाबले में 63 फीसदी मौके पर गेंद पराग्वे के पास रही जबकि जापान के पास महज 37 फीसदी मौके पर गेंद रही।
जापान की टीम के पास गेंद भले ही कम समय रही हो लेकिन उसके खिलाड़ियों ने मध्यांतर तक पराग्वे के तीन के मुकाबले पांच बार गोलपोस्ट को निशाना बनाकर गेंद मारा। इनमें से दो बार गेंद निशाने से दूर रही जबकि तीन मौके पर उसने गोल पर निशाना साधा। उसके यह प्रयास हालांकि बेकार गए।
पराग्वे की टीम ने तीन मौकों पर गोलपोस्ट को निशाना बनाकर जोरदार आक्रमण किया लेकिन इसमें एक ही निशाना उसका सटीक रहा, जिसे जापानी खिलाड़ियों ने नाकाम कर दिया।
बहरहाल, दोनों ही टीमों के लिए इस मैच को जीतकर इतिहास बनाने का मौका होगा क्योंकि दोनों में से कोई भी टीम आज तक विश्व कप के अंतिम आठ में जगह नहीं बना सकी है। जापान के लिए यहां एक और इतिहास बनाने का मौका होगा। वह यदि पराग्वे का हरा देता है तो किसी दक्षिण अमेरिकी टीम को विश्व कप में पराजित वाली वह पहली एशियाई टीम बन जाएगी। विश्व कप में आज तक कोई भसी एशियाई टीम भी दक्षिण अमेरिकी टीम को हरा नहीं सकी है।
जापान की टीम ने अपने जादुई खेल से अभी तक सभी फुटबाल प्रेमियों का मन मोह रखा है। पहले दौर में ग्रुप-ई के अपने पहले मुकाबले में उसे हॉलैंड के हाथों 0-1 से पराजित होना पड़ा था। इसके बाद जापान की टीम ने शानदार लय में खेलते हुए कैमरून को 1-0 से और अगले मैच में डेनमार्क को 3-1 से पराजित किया।
उधर, पराग्वे की टीम पहले दौर में ग्रुप-ई की शीर्ष टीम बनी। अपने पहले मुकाबले में उसने गत चैम्पियन इटली को 1-1 की बराबरी पर रोक कर सनसनी मचा दी थी। अपने अगले मुकाबलों में उसने स्लोवाकिया को 2-0 से पराजित किया और न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम ग्रुप मुकाबले में गोलरहित ड्रा खेलकर अपने ग्रुप की शीर्ष टीम बनी।
दोनों टीमों के बीच खेले जा रहे इस मुकाबले की विजेता टीम क्वोर्टरफाइनल में मंगलवार देर रात पुर्तगाल और स्पेन के बीच खेले जाने वाले मुकाबले की विजेता टीम से भिड़ेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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