पंकज प्रियदर्शी, बीबीसी संवाददाता, दक्षिण अफ़्रीका से
पूर्व विश्व चैम्पियन और पिछले विश्व कप की उपविजेता की हालत इतनी पतली हो जाएगी, ये किसी ने सोचा न था. फ़्रांसीसी टीम में मुश्किलों के दौर के बीच कड़े संघर्ष की अपेक्षा तो की गई थी, लेकिन मैक्सिको ने मैच एकतरफ़ा कर दिया. फ़्रांसीसी खिलाड़ी में न तो चुस्ती-फ़ुर्ती थी और न समन्वय दिख रहा था. दूसरी ओर मैक्सिको के खिलाड़ियों ने तेज़ और आक्रामक फ़ुटबॉल खेलते हुए फ़्रांसीसी खिलाड़ियों को चकित कर दिया.
एक बार फिर फ़्रांसीसी कोच रेमंड डोमेनेच की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं. मैक्सिको ने इस मैच में फ़्रांस को एक नहीं दो गोल से मात दी. मैनचेस्टर यूनाइटेड की ओर से खेलने वाले मैक्सिको के खिलाड़ी हर्नांडेज़ ने 64वें मिनट में फ़्रांस की डिफ़ेंस लाइन को चकमा देते हुए गोल मार दिया. हालाँकि सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या हर्नांडेज़ ऑफ़ साइड थे. सवाल अपनी जगह है पर सच तो यही है कि रेफ़री ने उस गोल को सही माना.
इसके बाद वही हुआ, जो ऐसी स्थिति में होता है. फ़्रांस के खिलाड़ी हताश हो गए और फिर ग़लतियों का दौर शुरू हो गया. हर्नांडेज़ को रोकने की कोशिश में अबिदाल ने फाउल किया और मैक्सिको को पेनल्टी मिला. 79वें मिनट में पेनल्टी पर गोल करके ब्लैंको ने मैक्सिको समर्थकों को झूमने पर विवश कर दिया. इस हार के बाद फ़्रांस के दूसरे दौर में जाने का रास्ता काफ़ी मुश्किल हो गया है.
नाइजीरिया-ग्रीस
दूसरी ओर नाइजीरिया के ख़िलाफ़ ग्रीस ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया. एक गोल से पिछड़ने के बाद जिस तरह इस मैच में ग्रीस ने वापसी की, वो सराहनीय था. मैच के 15वें मिनट में उचे ने एक फ़्री किक पर सभी खिलाड़ियों को छकाते हुए गोल कर दिया. लगा विश्व कप में ग्रीस का रिकॉर्ड बेहतर ही नहीं हो पाएगा. लेकिन एकाएक ग्रीस के फ़ॉरवर्ड लाइन में तेज़ी दिखने लगी और कई बार टीम को गोल करने का मौक़ा मिला. लेकिन टीम उसका फ़ायदा नहीं उठा सकी.
मैच के 44वें मिनट में ग्रीस के डिमिट्रिस सालपिंगिडिस ने इतिहास रचा. विश्व कप में ग्रीस की ओर से पहला गोल हुआ और ये इतिहास रचने वाले खिलाड़ी बने सालपिंगिडिस. स्कोर 1-1 से बराबर हो गया. दूसरे हाफ़ में भी ग्रीस का मैदान पर ज़बरदस्त खेल जारी रहा और उन्होंने आक्रामक फ़ुटबॉल खेली. नाइजीरिया के गोलकीपर विन्सेंट एनयेमा ने कई बचाव किए लेकिन उस समय वे हीरो से ज़ीरो बन गए, जब 72 वें मिनट में वैसिलिस टोरोसिडिस ने एक और गोल करके अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिला दी. अपना पहला मैच हार चुकी नाइजीरिया को अब कोई चमत्कार ही दूसरे दौर में पहुँचा सकता है.
अर्जेटीना-दक्षिण कोरिया
जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में आज अर्जेंटीना ने दिखाया कि उन्हें ख़िताब का प्रबल दावेदार क्यों माना जा रहा है. दक्षिण कोरिया की टीम उसके सामने पिद्दी सी नज़र आई. अर्जेंटीना के टॉप खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया की दुर्गति बना दी. एक के बाद एक गोल. प्रतियोगिता की पहली हैट्रिक और पहली बार एक मैच में पाँच गोल हुए.
अर्जेंटीना की ओर से स्टार रहे हिग्वेन, जिन्होंने हैट्रिक लगाई. लेकिन मेसी भले ही गोल न कर पाए हो लेकिन मैदान पर उनका जलवा देखने लायक था. उनकी बेहतरीन शैली वाले फ़ुटबॉल ने सबका मन मोह लिया. अर्जेटीना के खाते में पहला गोल उत्तर कोरिया के खिलाड़ी पार्क चु यंग के कारण आया. जब मेसी के एक फ़्री किक से निकली गेंद उनसे टकरा कर गोल में घुस गई.
लेकिन उसके बाद अर्जेंटीना की फ़ॉरवर्ड लाइन का बेहतरीन और समां बांध देने वाले देखने को मिला. 33 मिनट में हिग्वेन ने फ़ॉरवर्ड लाइन से मिली गेंद को अपने हेडर से गोल में डाल दी. लेकिन पहला हाफ़ ख़त्म होने से कुछ देर पहले दक्षिण कोरिया के चुंग यंग ली ने अर्जेंटीना के गोलकीपर को छकाते हुए गोल कर दिया. एकाएक अर्जेंटीना के खेमा सकते में आ गया. लेकिन हाफ़ टाइम के बाद अर्जेंटीना ने जिस तरह का खेल दिखाया, उसमें दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी पिस गए.
दौड़ते, भागते, गेंद की बेहतरीन ड्रिब्लिंग और बीच-बीच में गोल. दूसरे हाफ़ में कुछ ऐसा ही नज़ारा था. हिग्वेन ने 76वें मिनट में भी गोल मारा और 80वें मिनट में गोल मारकर हिग्वेन गोल की तिकड़ी बनाई. लेकिन मैच में मेसी को भूलना ग़लत बात होगी, क्योंकि एक बार फिर वे भले ही गोल न मार पाए हो, लेकिन असली फ़ुटबॉल का नमूना उन्होंने ही दिखाया.