हालांकि मैच देखने आए दर्शकों ने कहा कि इस मैच में सुरक्षा संबंधी कोई दिक्कत नहीं आई. इससे पहले डरबन में पुलिस को उन कर्मचारियों पर आँसू गैस छोड़नी पड़ी थी जिन पर विश्व कप के दौरान सुरक्षा प्रदान करने की ज़िम्मेदारी है. ये लोग बेहतर वेतन की माँग कर रहे थे.
दक्षिण अफ़्रीका में विश्व कप प्रमुख डैनी जॉर्डन ने कहा है कि इस तरह हड़ताल पर जाकर बाधा डालना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा ये कर्मचारी-नियोक्ता के बीच वेतन को लेकर विवाद है. हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने डरबन में कहा है कि उन्हें अपने काम के लिए 190 रैंड मिले हैं जबकि उन्हें ज़्यादा का वादा किया गया था.
इन लोगों को काम पर रखने वाली कंपनी स्टेलियन सेक्यूरिटी ने एएफ़पी को बताया है कि कर्मचारियों को उन प्रतिद्वंदी कंपनियों ने गुमराह किया है जो विश्व कप में सुरक्षा मुहैया करवाने का टेंडर नहीं जीत पाईं. पुलिस और विश्व कप अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि मंगलवार को सारे मैच तयशुदा कार्यक्रम के तहत होंगे और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी पुलिस और कुछ ऐसे कर्मचारी संभालेंगे जो हड़ताल पर नहीं गए हैं.