
ऐसे मिला था फ्रांस को उसका स्टार
10 जून 1998 से फ्रांस में 16वां विश्व कप शुरू हुआ। दुनिया की सबसे बेहतरीन 32 टीमें इस विश्व कप का हिस्सा थीं, इस जमाने में दुनिया के सबसे मशहूर खिलाड़ी हुआ करते थे रोनाल्डो। 12 जुलाई को 16वें विश्वकप के फाइनल मुकाबले में भी रोनाल्डो की टीम ब्राजील पहुंच चुकी थी । सभी को लग रहा था कि ब्राजील फाइनल जीत कर 5वीं बार विश्व विजेता बनेगी, लेकिन इस मैच में लोगों की उम्मीदों को जिदान के हौसलो का सामना करना पड़ा, और हुआ भी वही जो अक्सर हौसले और उम्मीद के मुकाबले में देखने को मिलता है। फ्रांस की टीम चैंपियन बन चुकी थी और दुनिया को एक नया स्टार मिल चुका था, जिदान के रूप में। इस मुकाबले में जिदान ने दो बार अपने माथे (हेडर) से मारकर गोल पोस्ट के भीतर कर किया था और टीम को विजेता बनाया था।

मुफलिसि में गुजरा था जीवन
23 जून 1972 को अल्जीरिया से माइग्रेट होकर फ्रांस आए एक परिवार में जिदान का जन्म हुआ था। जिदान अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके पिता फ्रांस आने के बाद एक नाइट वॉच मैन का काम किया करते थे, अक्सर उनकी ड्यूटी रात को होती थी। जिदान शुरू से ही फुटबॉल के प्रति जुनूनी थे और इसी जुनून से उन्होंने फ्रांस को विश्वकप विजेता और फ्रांस को यूरो चैंपियन भी बनाया।

बने थे सबसे महंगे खिलाड़ी
अपनी टीम को दो बार चैंपियन बनाने के बाद रियल मैड्रिड ने उस समय जिदान को सबसे महंगे फुटबॉलर के रूप में अपने टीम से जोड़ा था। 2006 विश्व कप में बॉल को माथे से मारने की बजाय उन्होंने इटली के एक खिलाड़ी को मार दिया था। यह मैच फ्रांस से खेलते हुए जिदान का आखिरी मैच भी साबित हुआ। बता दें कि 2006 में जर्मनी में हो रहा यह विश्व कप इटली, फ्रांस को हरा कर जीत चुका था लेकिन यहां भी चर्चा जिदान की ही थी।


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